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मासूम को चिप्स का लालच, फिर हैवानियत की इंतहा… गाजियाबाद की घटना ने सबको झकझोर दिया।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक निर्माणाधीन मॉल में मजदूरी करने वाले कई परिवार अपने बच्चों के साथ रहते हैं। मजदूर काम में व्यस्त रहते हैं, जबकि उनके बच्चे आसपास खेलते रहते हैं।

शुक्रवार को इन्हीं परिवारों में से एक सात वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई। उसके माता-पिता भी उसी निर्माणाधीन मॉल में काम कर रहे थे। शुरुआत में उन्हें लगा कि उनकी बेटी रोज़ की तरह अन्य बच्चों के साथ खेल रही होगी, लेकिन काफी देर तक वह कहीं दिखाई नहीं दी। इसके बाद परिवार ने आसपास तलाश शुरू की और अन्य मजदूरों से भी पूछताछ की। जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई।

देर रात करीब 1 बजे डायल 112 पर सूचना मिली कि निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में एक बच्ची का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही नंदग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे बेसमेंट को सील कर दिया गया और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) तथा डॉग स्क्वॉड की टीम को जांच के लिए बुलाया गया।

पुलिस ने घटनास्थल से अहम सबूत जुटाने के साथ निर्माणाधीन मॉल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर एक वयस्क आरोपी और एक किशोर को गिरफ्तार किया गया है और दोनों के खिलाफ हत्या ,  रेप और POCSO act क धाराओं में माला दर्ज कराया हैं 

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों का आरोप है कि बच्ची को चिप्स और खाने-पीने की चीज़ों का लालच देकर बेसमेंट में ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। जब परिवार ने बच्ची का शव देखा तो वह खून से लथपथ था और उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।

इस दर्दनाक घटना के बाद निर्माणाधीन मॉल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। जिस परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर और उनके परिवार रहते हों, वहां बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम थे? क्या बेसमेंट जैसे सुनसान हिस्सों तक किसी की भी आसानी से पहुंच थी? फिलहाल इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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