मुख्यमंत्री योगी की गोरखपुर को 1 हजार करोड़ की सौगात, 14 विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास
गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 23 जुलाई 2026 को अपने गृह जनपद गोरखपुर को ₹995 करोड़ से अधिक की 14 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। इन परियोजनाओं में शहर का पहला सिक्स-लेन फ्लाईओवर प्रमुख आकर्षण है।
सीएम योगी ने भव्य समारोह में ₹813.52 करोड़ की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹181.77 करोड़ की 10 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
शहर का पहला सिक्स-लेन फ्लाईओवर :
- लागत और लंबाई: टीपीनगर (ट्रांसपोर्ट नगर) से पैडलेगंज मार्ग पर बना यह अत्याधुनिक फ्लाईओवर 2.6 किलोमीटर लंबा है और इसे बनाने में ₹429.49करोड़ की लागत आई है।
- कनेक्टिविटी रैंप: इसमें देवरिया बाईपास को जोड़ने के लिए 450 मीटर लंबा फोर-लेन रैंप (कनेक्टिंग लूप) भी बनाया गया है ताकि वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के हो सके।
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इन जिलों और देशों को फायदा: इस फ्लाईओवर के शुरू होने से न केवल गोरखपुर के निवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, संतकबीरनगर, बस्ती, आजमगढ़, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज सहित पड़ोसी राज्य बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल आने-जाने वाले यात्रियों का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।
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इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी हुआ उद्घाटन व शिलान्यास :
- फोरलेन सड़क का लोकार्पण: पैडलेगंज चौक से लेकर फिराक गोरखपुरी चौक तक के मार्ग को पूरी तरह से फोरलेन में तब्दील कर दिया गया है, जिससे शहर की आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- नक्षत्रशाला (साइंस म्यूजियम): गोरखपुर की क्षेत्रीय नक्षत्रशाला को ₹18.36 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक 3D तकनीक और साइंस म्यूजियम के रूप में अपग्रेड किया गया है, जो छात्रों और अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने कामकाजी महिलाओं के लिए ₹47.38 करोड़ की लागत से बनने वाले 'श्रमजीवी महिला छात्रावास' का भी शिलान्यास किया।
"प्रगति और समृद्धि का नया माध्यम" — सीएम योगी
परियोजनाओं के लोकार्पण के बाद देवरिया बाईपास के पास आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा:
"आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही 'विकसित भारत' की संकल्पना को साकार करने का माध्यम है। आज से 9-10 साल पहले लखनऊ से गोरखपुर आने में 7 से 8 घंटे का समय लगता था, जो अब घटकर मात्र 3 घंटे रह गया है। आवागमन जितना तेज होगा, व्यापार, रोजगार और समृद्धि भी उतनी ही तीव्र गति से आएगी।"



















