राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: गणनाकर्मियों पर उठे सवाल, संपत्तियों की जांच तेज, 85 लाख रुपये के करीब बरामदगी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: गणनाकर्मियों पर उठे सवाल, पुलिस ने तेज की संपत्तियों की जांच, 85 लाख रुपये के करीब बरामदगी
चढ़ावा चोरी मामले के बाद भी गणना व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच एक नया सवाल सामने आया है कि जेल भेजे गए आरोपियों के अलावा दान राशि की गणना करने वाले अन्य कर्मचारी अब भी उसी कार्य में लगे हुए हैं। इन कर्मचारियों को मूल रूप से आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से हाउसकीपिंग कार्य के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्हें दान राशि की गणना जैसे संवेदनशील कार्य में लगाया गया।इसी वजह से अब गणना प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हाउसकीपिंग के लिए हुई थी नियुक्ति
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की सिफारिश पर 46 कर्मियों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से की गई थी। बैंक की ओर से कंपनी को पत्र भेजे जाने के बाद सैनिक सिक्योरिटी कंपनी ने इन कर्मचारियों की नियुक्ति की।बताया जा रहा है कि इन कर्मियों को हाउसकीपिंग कार्य के लिए रखा गया था, लेकिन बाद में इन्हें दान राशि की गणना में लगाया गया।
आरोपी जेल गए, लेकिन बाकी कर्मचारी नहीं बदले
चढ़ावा चोरी मामले का खुलासा होने और कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद भी अन्य गणनाकर्मियों को नहीं हटाया गया है। वे अभी भी दान राशि की गिनती का कार्य कर रहे हैं।हालांकि गणना प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली निर्धारित वर्दी अनिवार्य की गई है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है तथा निगरानी भी बढ़ाई गई है।फिर भी यह सवाल बना हुआ है कि पूरे स्टाफ को बदलकर नई व्यवस्था क्यों नहीं लागू की गई।
एसओपी लागू करने का दावा
सूत्रों का कहना है कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की कुछ शर्तों को लागू कर व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।हालांकि अभी तक आउटसोर्सिंग कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त करने या पूरी गणना टीम को बदलने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
इसी बीच राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है।अयोध्या में तैनात रहे तत्कालीन एसपी सुरक्षा बलरामाचारी का स्थानांतरण यूपी-112 में हो चुका था। बाद में विजय शंकर मिश्रा ने नए एसपी सुरक्षा के रूप में कार्यभार संभाल लिया। अब मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उनके पास है।
पुलिस आरोपियों की कथित संपत्तियों की जांच में जुटी
चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रही है।जांच के दौरान करीब एक दर्जन संपत्तियों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले चार-पांच वर्षों में आरोपियों द्वारा अर्जित संपत्तियों का स्रोत क्या था।यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी संपत्ति का निर्माण कथित रूप से अपराध से अर्जित धन से हुआ है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई की तैयारी
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी मंदिर से कब जुड़े और उनके कार्यकाल के दौरान कौन-कौन सी संपत्तियां बनाई गईं।प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ संपत्तियों के संबंध में संदेह व्यक्त किया गया है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक किसी विशेष संपत्ति के बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चोरी की रकम का पूरा आकलन अभी संभव नहीं
जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि कथित तौर पर चोरी की गई कुल रकम का सटीक आकलन करना आसान नहीं है।बताया गया है कि दान राशि की गिनती पूरी होने से पहले ही कथित रूप से रकम निकाल ली जाती थी। इसी कारण जांच एजेंसियों के लिए वास्तविक राशि का निर्धारण चुनौती बना हुआ है।
बरामदगी करीब 85 लाख रुपये तक पहुंची
जांच के दौरान पुलिस ने नकदी, आभूषण और अन्य सामान बरामद किया है।सूत्रों के अनुसार अब तक कुल बरामदगी लगभग 85 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इसमें नकदी के अलावा चोरी की रकम से खरीदे गए बताए जा रहे आभूषण भी शामिल हैं। हालांकि पुलिस की ओर से अंतिम आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाना अभी बाकी है।
तीन आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी
कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान एक कार, नकदी और कुछ आभूषण बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार—
- एक आरोपी के घर से सोने का लॉकेट और नकदी मिली।
- दूसरे आरोपी के घर से सोने की चेन, नकदी और एक कार बरामद की गई।
- तीसरे आरोपी के किराए के मकान से भी नकदी बरामद हुई।
बरामद आभूषणों का मूल्य कई लाख रुपये बताया जा रहा है, हालांकि इसका आधिकारिक मूल्यांकन अभी होना बाकी है।
आगे और आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी
पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। जांच एजेंसियां मामले में अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही हैं।जांच का उद्देश्य कथित चोरी की पूरी श्रृंखला, धन के उपयोग और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए पहलुओं तक पहुंच रही है। एक ओर दान राशि की गणना व्यवस्था और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस कथित रूप से अपराध से अर्जित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जांच तेज कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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