सहारनपुर बेसिक शिक्षा विभाग में कमीशनखोरी, निर्माण कार्य से लेकर फर्नीचर टेंडर तक रिश्वत की मांग
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करने वाली सरकार के बीच सहारनपुर के बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Shiksha Vibhag) से कथित कमीशनखोरी का मामला सामने आया है। विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों के रनिंग बिल, स्कूल फर्नीचर और डीजी सेट की सप्लाई से जुड़े टेंडरों में कमीशन की मांग की जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग के सिविल विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर नितिन चौधरी ने लगभग ₹11.5 लाख की लागत से बनने वाले क्लासरूम निर्माण कार्य के रनिंग बिल जारी करने के एवज में 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की, बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
इसके बाद डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर फहीम द्वारा स्कूल फर्नीचर की लगभग ₹5 करोड़ की प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई, साथ ही डीजी सेट की सप्लाई से जुड़े टेंडर में भी 10 प्रतिशत कमीशन मांगी गयी।
यह भी कहा गया, कि इस मामले में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कोमल का नाम भी शामिल है।
एक बातचीत में बीएसए कोमल यह कहती हुई सुनाई देती हैं कि कमीशन से संबंधित विषय पर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर फहीम से चर्चा की जा सकती है।
यह राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। साथ ही यह भी आवश्यक हो जाता है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा संबंधित अधिकारियों की चल एवं अचल संपत्तियों की भी जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।
नेशन वन इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जनहित से जुड़े ऐसे मामलों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग जारी रखेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट
नेशन वन



















