Musafir Cafe Review: क्या Netflix की यह नई वेब सीरीज़ सिर्फ एक कहानी है, या मसूरी को नई पहचान देने वाली शुरुआत?
क्या आपने कभी किसी फिल्म या वेब सीरीज़ में कोई खूबसूरत जगह देखकर सोचा है, "यार... एक बार यहाँ तो ज़रूर जाना है?"
अगर आपका जवाब हाँ है, तो आप अकेले नहीं हैं।
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कई बार एक फिल्म या वेब सीरीज़ सिर्फ अपनी कहानी की वजह से नहीं, बल्कि अपनी लोकेशन की वजह से भी लोगों के दिल में जगह बना लेती है। लोग किरदारों के साथ-साथ उन पहाड़ों, सड़कों, कैफ़े और गलियों से भी जुड़ जाते हैं, जिन्हें वे स्क्रीन पर देखते हैं। शायद यही वजह है कि आजकल लोग किसी नई वेब सीरीज़ के रिलीज़ होते ही सबसे पहले उसकी कहानी नहीं, बल्कि उसकी शूटिंग लोकेशन भी सर्च करने लगते हैं।
कुछ ऐसा ही इन दिनों Netflix की नई वेब सीरीज़ Musafir Cafe के साथ देखने को मिल रहा है।
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शो रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा चर्चा सिर्फ इसकी कहानी की नहीं, बल्कि उस खूबसूरत कैफ़े की भी हो रही है, जहाँ इसकी शूटिंग हुई। दिलचस्प बात यह है कि यह कोई फिल्मी सेट नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मसूरी में मौजूद एक असली कैफ़े है। यही वजह है कि अब कई लोग इस जगह को अपनी अगली ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाने की बात कर रहे हैं।
लेकिन सवाल सिर्फ कैफ़े का नहीं है...
क्या Musafir Cafe वाकई देखने लायक वेब सीरीज़ है, या इसकी खूबसूरत लोकेशन ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है?
Netflix की इस रोमांटिक ड्रामा सीरीज़ का निर्देशन रुचिर अरुण ने किया है और यह प्रसिद्ध लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के चर्चित हिंदी उपन्यास पर आधारित है। मुख्य भूमिकाओं में विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना नज़र आते हैं।
कहानी चंदर, सुधा और प्रीतिके इर्द-गिर्द घूमती है। यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि अधूरे रिश्तों, ज़िंदगी के फैसलों और दूसरी बार मिलने वाले मौकों की कहानी है। सीरीज़ तेज़ रफ्तार ड्रामा दिखाने की बजाय छोटे-छोटे पलों और भावनाओं पर ज़्यादा ध्यान देती है। यही वजह है कि इसकी कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और दर्शकों को किरदारों से जुड़ने का समय देती है।
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अगर एक्टिंग की बात करें, तो विक्रांत मैसी एक बार फिर साबित करते हैं कि बिना ज़ोरदार डायलॉग्स के भी दमदार अभिनय किया जा सकता है। उनका शांत और सहज अभिनय कहानी को विश्वसनीय बनाता है। वहीं वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना भी अपने-अपने किरदारों में फिट बैठती हैं। तीनों कलाकारों की केमिस्ट्री इस सीरीज़ को और बेहतर बनाती है।
हालांकि, इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी सिनेमैटोग्राफी है। मसूरी की हरी-भरी वादियाँ, हल्की बारिश, पहाड़ी रास्ते और कैफ़े का सुकून भरा माहौल स्क्रीन पर इतना खूबसूरत लगता है कि कई बार कहानी से ज़्यादा नज़रें लोकेशन पर टिक जाती हैं। यही कारण है कि शो में दिखाया गया असली Musafir Cafe अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
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लेकिन यह सीरीज़ हर किसी के लिए नहीं है। अगर आपको तेज़-रफ्तार कहानी, लगातार ट्विस्ट और एक्शन पसंद है, तो इसकी धीमी गति आपको थोड़ी लंबी लग सकती है। वहीं अगर आप रिश्तों को महसूस करने वाली, शांत और भावनात्मक कहानियाँ पसंद करते हैं, तो यह सीरीज़ आपको निराश नहीं करेगी।
Musafir Cafe ऐसी वेब सीरीज़ नहीं है जिसे सिर्फ देखा जाए, बल्कि जिसे धीरे-धीरे महसूस किया जाए। इसकी कहानी शायद हर किसी को प्रभावित न करे, लेकिन विक्रांत मैसी की शानदार एक्टिंग, मसूरी की खूबसूरत लोकेशन और भावनात्मक माहौल इसे एक अलग पहचान देते हैं।



















