सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोवर्स और MMA का गोल्ड मेडलिस्ट, वीरेंद्र दिहाड़ी पर गार्ड की नौकरी करने को मजबूर
कहते हैं संघर्ष से ही सफलता मिलती है कई बार प्रतिभा संसाधनों के सामने घुटने टेक लेती है ऐसी ही एक कहानी है उत्तराखंड के वीरेंद्र तोमक्याल की जिसके सोशल मीडिया पर हजारों में फॉलोवर्स हैं,और MMA का गोल्ड मेडलिस्ट भी है लेकिन मजबूरी इतनी कि शादियों में दिहाड़ी पर गार्ड की नौकरी करनी पड़ रही है।
पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी के पास चिन्खाली गाँव के वीरेंद्र सिंह तोमक्याल इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं,26 वर्षीय वीरेंद्र MMA फाइटर हैं और गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं।वीरेंद्र के पिता त्रिलोक सिंह तोमक्याल SSB में कार्यरत हैं और माता गृहणी हैं,सीमित संसाधनों के बाद बावजूद वीरेंद्र (विक्की) के पिता ने उन्हें बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दिलवाई और विक्की ने कड़ी मेहनत से बॉक्सिंग सीखी और जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं में गोल्ड मेडल भी जीते।
उत्तराखंड के ही इंटरनेशनल MMA फाइटर अंगद बिष्ट से प्रेरित होकर विक्की ने अंगद की अकादमी से MMA की ट्रेनिंग शुरू की और 2024 से अंगद की निगरानी में वो अब MMA की बारीकियों को सीख रहे हैं।
आत्मनिर्भर बन खुद उठा रहे खर्चा :
सीमित संसाधनों ने विक्की के हौसलों को कम नहीं होने दिया और MMA ट्रेनिंग की फीस ,डायट सप्लीमेंट्स ,फाइट गियर के खर्च में हर महीने लगभग 20 हजार का खर्चा आने पर विक्की ने अपने पिता का आर्थिक बोझ कम करने के लिए राजधानी देहरादून में शादी समारोहों और आयोजनों में सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए पार्किंग गॉर्ड का चुनाव किया,इसके बदले उन्हें मात्र 500 रुपए प्रतिदिन मिलते हैं और इसी से वो अपना खर्च चलाते हैं।
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अब शादियों का सीजन सीमित होता है और देहरादून में अक्सर इतने बड़े आयोजन भी नहीं होते कि हर दिन विक्की को काम मिल सके ,लेकिन फिर भी विक्की के हौसले पहाड़ जैसे ही बुलंद हैं,वो इस बात पर विश्वास करते हैं कि ईमानदारी से अगर कोई भी काम किया जाए तो उसमें शर्म कैसी,विक्की चाहते हैं कि उनकी कहानी को संवेदना के रूप में ना लेकर एक खिलाडी को बेहतर सुविधाएं और आर्थिक सहयोग मिले ताकि वो और ऐसे ही प्रतिभावान खिलाडी संसाधनों की कमी उनकी प्रतिभा के आड़े ना आए।
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वीरेंद्र सिंह तोमक्याल ने वर्ष 2025 में मेरठ के वॉरियर फाइट क्लब में गोल्ड मेडल अपने नाम किया जबकि 2025 में मुंबई की PML प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जड़ा। 2025 में दून FC प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।नैनीताल में बॉक्सिंग जिला चैंपियन।देहरादून में राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।अब तक 9 से अधिक MMA फाइट खेल चुके हैं।वीरेंद्र का लक्ष्य भारत के लिए दुनिया के सबसे बड़े MMA मंच पर उतरना है।
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