धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, CJP बोली जब तक ये दो मांगे नहीं मानी हिलेंगे नहीं
नीट पेपर लीक के देशव्यापी विवाद के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा सौंप दिया है, लेकिन अभी भी CJP का आंदोलन जारी है, युवाओं की दो मांगे अब भी अधूरी हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद दिल्ली जंतर मंतर में छात्रों के बीच जश्न का माहौल है, CJP चीफ अभिजीत दीपके ने कहा कि कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफ़े नहीं होते छात्रों की ताकत ने सरकार को झुका दिया, दीपके ने कहा इस जीत का हीरो मुझे मत बनाना क्योंकि इस देश में एक व्यक्ति को हीरो बनाकर आज देश भुगत रहा है, CJP की इस आंदोलन में तीन प्रमुख मांगे थे पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा जो हो चुका है।
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अभी भी छात्रों की दो मांगे बाकी हैं जिनपर फैसला आना बाकी है दूसरी मांग है जिन छात्र -छात्राओं की नीट पेपर लीक रद्द होने के चलते जान गई है उन्हें 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए, और तीसरी मांग है दिल्ली पुलिस के जिन जवानों ने छात्रों पर लाठियां बरसाई उनपर कार्यवाही होनी चाहिए।
20 जुलाई और उसके बाद छात्रों पर जितने केस हुए हैं उन सभी केस को वापस लिया जाए।
सोनम वांगचुक : सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर विक्टरी साइन वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा ये ' लोकतंत्र की जीत है ये शांति, धैर्य की जीत है इसके लिए उन्होंने CJP, Gen-z को बधाई दी है।
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विपक्षी नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर ये कहा :
अरविन्द केजरीवाल :
आप प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने देश के युवाओं को बधाई दी और कहा कि आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा, ये लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है,इतने बड़े संघर्ष के बाद सरकार को जनता के सामने झुकना पड़ा, सरकार को ये समझना होगा कि जनता ही सर्वोपरि है,लोगों को लगता था कि सरकार जनता की सुनती नहीं है।उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
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मल्लिकार्जुन खरगे : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ये करोड़ों युवाओं की जीत है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरूरस्त करने के लिए सड़कों पर आवाज उठाई ,ये सत्य की जीत है और मोदी जी की हठ की हार है. ये साझा विपक्ष की जीत है।
प्रियंका गांधी : प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं बहुत खुश हूँ, ये युवाओं की जीत है मुझे उन सभी पर गर्व है कि वो महात्मा गांधी की राह पर चले।ये देश की सभी सत्ताधारी पार्टियों के लिए सीधा सन्देश है कि जनता सर्वोपरि है।
अखिलेश यादव : ये युवाओं की जीत है दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी युवाओं के सामने झुक गईं उनके संघर्ष को सलाम ,उम्मीद है इस फैसले से भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।



















