ब्रेकिंग

वेब स्टोरी

Kanwar Yatra 2026 - दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों और पैदल कांवड़ियों पर रोक, जानें उत्तराखंड का रूट प्लान

पवित्र श्रावण (सावन) मास की शुरुआत के साथ ही आज यानी 30 जुलाई 2026 से देश की सबसे बड़ी वार्षिक धार्मिक पदयात्रा 'कांवड़ यात्रा' का शंखनाद हो चुका है। देश के विभिन्न कोनों से लाखों शिवभक्त हरिद्वार, ऋषिकेश, गौमुख और गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लाने के लिए निकल पड़े हैं। यह पावन यात्रा 11 अगस्त 2026 (सावन शिवरात्रि) को शिवालयों में मुख्य जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी।

पढ़ें यह खबर : प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ अब यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल, भारत के सभी 45 स्थलों की पूरी लिस्ट जानिए

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवाजाही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यदि आप यात्रा पर निकल रहे हैं या इन मार्गों से गुजरने वाले हैं, तो रूट प्लान और नए नियमों की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

प्रमुख यात्रा रूट और ट्रैफिक डायवर्जन (Traffic Plan)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं: 

  • भारी वाहनों पर बैन: दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) और मुजफ्फरनगर में गंगा नहर पटरी मार्ग पर भारी वाहनों (ट्रकों, बसों आदि) की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। 
  • पूर्ण लॉकडाउन (4 अगस्त से): आगामी 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच दिल्ली-हरिद्वार हाईवे को सामान्य वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह मार्ग सिर्फ और सिर्फ पैदल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा। 
  • वैकल्पिक मार्ग (हल्के वाहनों के लिए): दिल्ली, मेरठ या मुजफ्फरनगर से देहरादून, सहारनपुर और हरिद्वार जाने वाले हल्के/मध्यम वाहनों को मवाना, रामराज, जानसठ बाईपास, भोपा बाईपास और देवबंद के रास्ते डायवर्ट किया गया है।

पढ़ें यह खबर : अमरनाथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, गंदरबल में सड़क से फिसली श्रद्धालुओं से भरी बस, कई घायल

कांवड़ यात्रा 2026 के नए और सख्त नियम :

मूल पहचान पत्र (ID Proof) अनिवार्य: हरिद्वार एसएसपी के अनुसार, सभी कांवड़ियों को अपने साथ मूल आधार कार्ड या कोई वैध सरकारी आईडी रखना जरूरी है। हर चेकिंग पॉइंट पर इसकी जांच की जा सकती है। 


कांवड़ की ऊंचाई की सीमा: पैदल चलने वाली कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकी वाली कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे ऊंची कांवड़ को क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

हथियारों और साइलेंसर पर प्रतिबंध: यात्रा के दौरान लाठी, भाले, त्रिशूल, तलवार या किसी भी प्रकार के हथियार ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके अलावा बाइकों में मॉडिफाइड या रेट्रो साइलेंसर (पटाखे छोड़ने वाले) का उपयोग करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी। 

पढ़ें यह खबर : देहरादून में भारी बारिश से टौंस नदी पर बना नया पुल क्षतिग्रस्त, यातायात पर पड़ा असर

डीजे (DJ) पर सीमा: डीजे बजाने की अनुमति है लेकिन उसकी आवाज 75 डेसिबल (dB) से कम होनी चाहिए। मर्यादा से बाहर तेज आवाज होने पर साउंड सिस्टम जब्त कर लिया जाएगा।

खान-पान और दुकानों पर निर्देश: कांवड़ रूट पर स्थित मीट/नॉन-वेज की दुकानों और शराब के ठेकों को पूरी तरह से बंद या ढकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की मनाही और नियम : 

  • भारी वाहनों (Heavy Vehicles) पर पूर्ण प्रतिबंध: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (आर्थिक कॉरिडोर), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-58 पर आज से ही भारी कमर्शियल वाहनों (जैसे ट्रक, डंपर और बड़े कंटेनर) के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे या अन्य बाहरी बाईपास मार्गों पर डायवर्ट किया जा रहा है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ या कांवड़ियों के पैदल चलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि सामान्य यात्री और चारधाम जाने वाले लोग इस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे का उपयोग सुरक्षित तरीके से कर सकें। 

Watch Video

You Might Also Like