RCB Victory Parade Cancelled: भगदड़ की घटना से सबक, बेंगलुरु में नहीं निकलेगी आरसीबी की विजय परेड
RCB Victory Parade Cancelled: आईपीएल खिताब जीतने के बाद भी बेंगलुरु में नहीं निकलेगी विजय परेड, जानिए वजह
लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी आरसीबी, लेकिन नहीं होगा सड़क पर जश्न
दो बार की आईपीएल चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इस बार एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए विजय परेड नहीं निकालने का निर्णय लिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली आरसीबी ने अपने लाखों प्रशंसकों को खुश होने का मौका तो दिया, लेकिन सार्वजनिक विजय जुलूस से दूरी बनाने का फैसला किया है।
फ्रेंचाइजी का यह निर्णय पिछले वर्ष हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। आरसीबी प्रबंधन का मानना है कि फैंस की भारी भीड़ के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार के बड़े सार्वजनिक आयोजन से बचना बेहतर होगा।
पिछले साल की भगदड़ से लिया सबक
आरसीबी के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास हुई भगदड़ की घटना बताई जा रही है। उस दौरान टीम की विजय परेड देखने के लिए हजारों की संख्या में प्रशंसक सड़कों पर उतर आए थे।
अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था के चलते मची भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद राज्य सरकार को जांच के आदेश देने पड़े थे और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। आरसीबी प्रबंधन इस बार ऐसी किसी भी स्थिति से बचना चाहता है, इसलिए सार्वजनिक विजय परेड को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह का भी असर
विजय परेड रद्द करने के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण कर्नाटक की राजनीति से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, 3 जून को डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया जाएगा, जो चिन्नास्वामी स्टेडियम के बेहद करीब स्थित है।
इस कार्यक्रम में राज्यभर से हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। राजनीतिक नेताओं, वीआईपी मेहमानों और आम नागरिकों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव रहेगा। ऐसे में राज्य पुलिस के लिए एक साथ दो बड़े आयोजनों की सुरक्षा संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से आरसीबी ने सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित न करने का फैसला लिया है।
पुलिस ने पहले ही जारी कर दी थी एडवाइजरी
आईपीएल फाइनल से पहले ही बेंगलुरु पुलिस ने जनता के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की थी। पुलिस ने लोगों से अपील की थी कि यदि आरसीबी खिताब जीतती है तो वे सड़क पर जश्न मनाने, पटाखे फोड़ने या सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटाने से बचें। पुलिस का कहना था कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा जोखिम को रोकना उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया था कि सार्वजनिक विजय जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने क्या कहा?
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांथ कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी तरह के सार्वजनिक जश्न की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग जश्न मनाना चाहते हैं, वे निजी स्थानों या बंद परिसरों में ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक सड़कों पर भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य शहर में शांति, कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आरसीबी ने फैंस से की खास अपील
आरसीबी प्रबंधन ने भी अपने समर्थकों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की है। फ्रेंचाइजी के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। टीम ने फैंस से अनुरोध किया है कि वे सड़कों पर अनियंत्रित भीड़ न लगाएं और सोशल मीडिया तथा निजी आयोजनों के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त करें। आरसीबी का मानना है कि खिताब जीतने की खुशी को सुरक्षित तरीके से मनाना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
खिलाड़ियों की राष्ट्रीय जिम्मेदारियां भी शुरू
आईपीएल समाप्त होते ही आरसीबी के कई खिलाड़ियों को अपनी राष्ट्रीय टीमों के साथ जुड़ना है। टीम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल भारतीय टेस्ट टीम के साथ अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच की तैयारी में शामिल होंगे। वहीं ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड, टिम डेविड, न्यूजीलैंड के जैकब डफी और वेस्टइंडीज के रोमारियो शेफर्ड अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए स्वदेश लौटेंगे। ऐसे में खिलाड़ियों की उपलब्धता भी सीमित रहने वाली है, जो बड़े सार्वजनिक समारोह आयोजित न करने का एक व्यावहारिक कारण माना जा रहा है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला फैसला
आरसीबी का यह फैसला दर्शाता है कि फ्रेंचाइजी केवल जीत का जश्न मनाने पर ही नहीं, बल्कि अपने समर्थकों की सुरक्षा पर भी उतना ही ध्यान देती है। पिछले साल की दुखद घटना ने यह स्पष्ट कर दिया था कि बड़ी भीड़ के बीच आयोजन करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
यही कारण है कि लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने के बावजूद आरसीबी ने विजय परेड से दूरी बनाकर सुरक्षा और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी है। हालांकि फैंस को सड़क पर टीम का जश्न देखने का मौका नहीं मिलेगा, लेकिन टीम की ऐतिहासिक सफलता और लगातार दूसरी ट्रॉफी की खुशी उनके दिलों में हमेशा बनी रहेगी।
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