नलकूप में करंट लगने से युवक की मौत: शादी के दो महीने बाद उजड़ा परिवार, धान की सिंचाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
नलकूप के स्टार्टर में उतरे करंट से युवक की मौत, शादी के दो महीने बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रैपुरा थाना क्षेत्र के कोबरा के चिफुला गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। धान की नर्सरी की सिंचाई के दौरान नलकूप के स्टार्टर में उतरे करंट की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक अर्पित सिंह की मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि परिजनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। युवक की शादी महज दो महीने पहले हुई थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा विद्युत करंट की चपेट में आने से हुआ है।
धान की सिंचाई के दौरान हुआ हादसा
मृतक के पिता रामेश्वर सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह वह अपने बेटे अर्पित सिंह और भाई रमेश सिंह के साथ खेत में धान की नर्सरी की सिंचाई करने पहुंचे थे। खेत में पानी लगाने के लिए नलकूप चलाना था।रामेश्वर सिंह और उनके भाई खेत में ही रुक गए, जबकि अर्पित नलकूप चालू करने के लिए स्टार्टर के पास चला गया। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर दोनों लोग उसे देखने पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि अर्पित स्टार्टर से चिपका हुआ था और बिजली के करंट की चपेट में था।
फ्यूज हटाकर बाहर निकाला, लेकिन नहीं बच सकी जान
परिजनों ने तत्काल बिजली का फ्यूज हटाकर युवक को स्टार्टर से अलग किया और निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।डॉक्टरों की इस घोषणा के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
दो महीने पहले हुई थी शादी
बताया गया कि अर्पित सिंह की शादी इसी वर्ष 5 मई को श्रद्धा सिंह के साथ हुई थी। विवाह के बाद परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन दो महीने के भीतर ही यह दुखद हादसा हो गया।पति की असमय मौत से नवविवाहिता श्रद्धा सिंह गहरे सदमे में है। वहीं मृतक की बहनें आरती और पूजा भी भाई की मौत से बेसुध हैं। अर्पित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और दो बहनों का अकेला भाई था।
आधार कार्ड बनाने का करता था काम
परिजनों के अनुसार अर्पित सिंह मानिकपुर ब्लॉक परिसर में आधार कार्ड बनाने का कार्य करता था। वह मेहनती और जिम्मेदार युवक था तथा परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।गांव के लोगों ने बताया कि अर्पित का व्यवहार सभी के प्रति अच्छा था। उसकी अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी राम सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत नलकूप में करंट लगने से हुई है।पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बिजली व्यवस्था में कोई तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे बिजली हादसे
ग्रामीण इलाकों में खेतों की सिंचाई के लिए बड़ी संख्या में किसान बिजली से संचालित नलकूपों का उपयोग करते हैं। मानसून के दौरान नमी बढ़ने और उपकरणों की नियमित जांच न होने के कारण करंट लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नलकूप के स्टार्टर, वायरिंग और अर्थिंग की समय-समय पर जांच करानी चाहिए। इसके अलावा बिजली उपकरणों को गीले हाथों से नहीं छूना चाहिए तथा किसी भी खराबी की स्थिति में प्रशिक्षित बिजली मिस्त्री की सहायता लेनी चाहिए।
बिजली सुरक्षा को लेकर बरतें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में काम करते समय निम्नलिखित सावधानियां अपनानी चाहिए—
- नलकूप और स्टार्टर की नियमित जांच कराएं।
- उचित अर्थिंग और एमसीबी (MCB) का उपयोग करें।
- गीले हाथों से बिजली के उपकरण न छुएं।
- खुले या कटे हुए तारों को तुरंत बदलें।
- किसी भी खराबी की स्थिति में स्वयं मरम्मत करने के बजाय विशेषज्ञ की मदद लें।
चिफुला गांव में हुआ यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा की गंभीर आवश्यकता की ओर इशारा करता है। एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया, जबकि एक नवविवाहिता की शादी की खुशियां कुछ ही सप्ताह में मातम में बदल गईं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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