एक लाख का इनामी डकैत विक्की उर्फ आसिम अली ढेर, 12 साल से था फरार, 21 मुकदमों का था आरोपी
अंबेडकरनगर एनकाउंटर: एक लाख का इनामी डकैत विक्की उर्फ आसिम अली ढेर, 12 साल से था फरार
एसटीएफ ने मुठभेड़ में किया ढेर
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात डकैत विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा को मार गिराया। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी की तलाश कई जिलों की पुलिस कर रही थी। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक आरक्षी भी गोली लगने से घायल हो गया।यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी पर हत्या, डकैती और जानलेवा हमलों समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे।
12 वर्षों से पुलिस की पकड़ से था दूर
विक्की अप्रैल 2014 से फरार चल रहा था। उस पर जौनपुर में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर और डकैती कांड का भी आरोप था। इस वारदात में एक परिवार पर हमला किया गया था, जिसमें तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।उत्तर प्रदेश सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस और एसटीएफ कई वर्षों से उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थी।
कैसे हुई मुठभेड़?
एसटीएफ की नोएडा यूनिट को सूचना मिली थी कि छैमार गैंग के कुछ सदस्य अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर टीम ने बेवाना थाना क्षेत्र के कुशालपुर चौराहे के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।पुलिस को देखकर दोनों बदमाश भागने लगे और पीछा करने पर फायरिंग शुरू कर दी।
इस दौरान—
- एक गोली एसटीएफ इंस्पेक्टर सचिन मिश्रा की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी।
- दूसरी गोली आरक्षी ओमनाथ चौहान के हाथ में लगी।
- पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्की गंभीर रूप से घायल हो गया।
- उसका साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।
घायल विक्की को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?
मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से कई हथियार और अन्य सामान बरामद किया।
बरामदगी में शामिल हैं—
- 32 बोर की पिस्तौल
- 12 बोर का देसी तमंचा
- कई जिंदा कारतूस
- खाली खोखे
- एक बैग
- मोटरसाइकिल
पुलिस ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य भी जुटाए।
जौनपुर ट्रिपल मर्डर का मुख्य आरोपी
वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में विक्की अपने साथियों के साथ एक घर में डकैती डालने पहुंचा था।
डकैती के दौरान—
- स्वाति सिंह
- सुमन सिंह
- शुभम सिंह
की हत्या कर दी गई थी।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद विक्की पुलिस के लिए सबसे वांछित अपराधियों में शामिल हो गया था।
21 गंभीर मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विक्की के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों और हरियाणा में कुल 21 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
इनमें प्रमुख अपराध शामिल हैं—
- डकैती
- हत्या
- हत्या का प्रयास
- लूट
- अवैध हथियार
- गैंगस्टर एक्ट
- अन्य गंभीर आपराधिक मामले
वह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में पहचान बदलकर छिपता रहा।
छैमार गैंग से जुड़ने की कहानी
जानकारी के अनुसार विक्की ने अपराध की दुनिया में शुरुआत मादक पदार्थों की तस्करी से की थी।वर्ष 2006 में लखनऊ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से बाहर आने के बाद वह कुख्यात अपराधी फाती उर्फ कदीम उर्फ पहलवान के संपर्क में आया और छैमार गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया।इसके बाद उसने गिरोह के अन्य अपराधियों के साथ मिलकर कई राज्यों में डकैती और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।
मकनपुर गांव से था संबंध
कानपुर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव को विक्की का मूल निवास बताया जाता है।हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह वर्षों पहले गांव छोड़ चुका था।
ग्रामीणों के मुताबिक—
- वह साल में दो बार मेले के दौरान गुपचुप गांव आता था।
- मदार साहब की दरगाह पर चादर चढ़ाकर बिना किसी को बताए लौट जाता था।
- उसकी मौजूदगी की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी नहीं मिलती थी।
गांव के प्रधान ने भी बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में उसका कोई स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
बावरिया गैंग से अलग बना था छैमार गिरोह
पुलिस के अनुसार पहले यह अपराधी बावरिया गैंग के लिए काम करते थे।बाद में गैंग के सरगना फाती उर्फ कदीम उर्फ पहलवान ने अलग होकर छैमार गैंग का गठन किया। इसके बाद गिरोह ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डकैती और हत्या की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया।मार्च 2025 में मथुरा में फाती भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसके बाद गिरोह काफी कमजोर पड़ गया था।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
मुठभेड़ में मारे गए विक्की के शव का पोस्टमार्टम राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया।पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस ने एसटीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा भी दर्ज किया है।बताया जा रहा है कि आरोपी की पत्नी शव लेने के लिए कानपुर से पहुंचने वाली है।
पुलिस की जांच जारी
एसटीएफ अब मुठभेड़ के दौरान फरार हुए दूसरे बदमाश की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य किन जिलों में सक्रिय हैं और हाल के दिनों में किन वारदातों में उनकी भूमिका रही है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय छैमार गिरोह की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा और कई लंबित मामलों के खुलासे में भी मदद मिलेगी।
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