मुश्किलों में टाटा ग्रुप: मतभेदों के चलते चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस्तीफा, तेजी से गिरे कंपनी के शेयर
टाटा समूह (Tata Group) की मुख्य कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह दोबारा इस पद के लिए खड़े नहीं होंगे (यानी सेवा विस्तार नहीं लेंगे)।
चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त हो रहा है और वे तब तक पद पर बने रहेंगे। इस अचानक आए फैसले के बाद आज शेयर बाजार में टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
इस्तीफे की बड़ी वजह: बोर्ड में मतभेद :
मिली जानकारी अनुसार चंद्रशेखरन के कार्यकाल को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन बोर्ड के सभी सदस्य इस पर सहमत नहीं थे।
पढ़ें यह खबर : कानपुर में SBI के लॉकर से 50 लाख के गहने गायब, 23 साल पुराने रिकॉर्ड ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
एक सदस्य का विरोध: टाटा संस के बोर्ड में से एक सदस्य ने चंद्रशेखरन को सेवा विस्तार (Extension) देने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।
सिद्धांतों का हवाला: चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस जैसे शीर्ष पद पर बने रहने के लिए पूरे बोर्ड का एकमत (Unanimous) होना बेहद जरूरी है। पूर्ण समर्थन न मिलने के कारण उन्होंने खुद ही हटने का फैसला किया।
आंतरिक अनबन: कॉर्पोरेट गलियारों में चर्चा है कि नए बिजनेस के प्रदर्शन को लेकर चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के बीच कुछ समय से मतभेद चल रहे थे।इस इस्तीफे की खबर फैलते ही शेयर बाजार में निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया।
टाटा समूह के बड़े शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई:
- TCS (Tata Consultancy Services): आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी का शेयर 4% से 5% तक टूट गया।
- टाटा मोटर्स (Tata Motors): ऑटो सेक्टर की इस बड़ी कंपनी के शेयर में भी करीब 2.8% की गिरावट देखी गई।
- अन्य कंपनियाँ: टाइटन (Titan) और टाटा कंज्यूमर (Tata Consumer) के शेयरों पर भी भारी दबाव देखा जा रहा है।
पढ़ें यह खबर : 2026 Mahindra Scorpio-N Facelift: नए फीचर्स के साथ कितनी बदली SUV?
एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के बोर्ड से आग्रह किया है कि वे उनके उत्तराधिकारी (Successor) यानी अगले चेयरमैन को खोजने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दें, ताकि फरवरी 2027 में जिम्मेदारी आसानी से ट्रांसफर की जा सके।माना जा रहा है कि 18 अगस्त 2026 को होने वाली टाटा संस की सालाना आम बैठक (AGM) में इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला या घोषणा हो सकती है।चंद्रशेखरन पिछले 40 साल से टाटा समूह से जुड़े हुए हैं और पिछले करीब 10 सालों से टाटा संस के चेयरमैन के रूप में समूह का नेतृत्व कर रहे थे।
पढ़ें यह खबर : वंदे मातरम का अपमान करने पर होगी 3 साल की सजा, नए कानून से क्या बदला पूरा जानिए
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा समूहः
- 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण कर इसे 69 साल बाद टाटा समूह में वापस लाया
- एयर इंडिया, विस्तारा व अन्य एयरलाइनों का विलय कर एविएशन बिजनेस को मजबूत किया
- सेमीकंडक्टर, ईवी बैटरी, इलेक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश
- टाटा डिजिटल के तहत बिगबास्केट, 1एमजी जैसे डिजिटल प्लेटफार्म मजबूत हुआ
- टाटा टी और टाटा केमिकल्स के कंज्यूमर बिजनेस को मिलाकर उपभोक्ता उत्पादों पर नया जोर
- समूह की कई कंपनियों ने कर्ज घटाने की रणनीति अपनाई



















