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वंदे मातरम का अपमान करने पर होगी 3 साल की सजा, नए कानून से क्या बदला पूरा जानिए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रगान (जन गण मन) के समान कानूनी सुरक्षा मिल गई है. अब देश में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का जानबूझकर अपमान करना या इसे गाने से रोकना एक दंडनीय अपराध है।

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पिछले कुछ समय में कई सार्वजनिक और आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् (Vande Mataram) को गाने को लेकर विवाद या विरोध देखे गए थे.: देश विरोधी गतिविधियों या जानबूझकर राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों को एक कड़ा संदेश देने के लिए इसे अपराध की श्रेणी में लाना जरूरी समझा गया.

 

कानून का नाम और कानूनी बदलाव : 

नया कानून: इसका नाम राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) कानून, 2026 है

संशोधन: इसने पुराने कानून (1971 के एक्ट) की धारा 3 में बदलाव किया है. पहले इस धारा में सिर्फ राष्ट्रगान को रोकने या बाधा डालने,राष्ट्रीय ध्वज और संविधान का अपमान करने पर सजा का नियम था. अब इसमें 'राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम्)' को भी जोड़ दिया गया है. राष्ट्रगीत होने के बावजूद 'वंदे मातरम्' को कोई विशेष कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी. सरकार का मानना था कि इस कमी को दूर करके दोनों प्रतीकों कोएक समान कानूनी दर्जा (Equal Legal Status) देना बेहद जरूरी था।

 

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बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सरकार नवंबर 2025 से एक साल का विशेष उत्सव मना रही है. इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को यादगार बनाने के लिए यह सख्त कानून पेश किया गया

 क्या करने पर माना जाएगा अपराध? 

जानबूझकर रोकना: यदि कोई व्यक्ति किसी को वंदे मातरम् गाने से जानबूझकर रोकता है.बाधा डालना: वंदे मातरम् गा रही किसी सभा या ग्रुप के काम में खलल डालता है या हंगामा खड़ा करता है. 

सजा के कड़े प्रावधान : नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी व्यक्ति को भारी सजा भुगतनी होगी.पहली बार अपराध पर: अधिकतम 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या जेल और जुर्माना दोनों..दूसरी या बार-बार अपराध पर: कम से कम1 साल की अनिवार्य जेल की सजा होगी.

पढ़ें यह खबर :

संसद में कैसे मिली मंजूरी :  29 जुलाई 2026: सबसे पहले यह बिल राज्यसभा से पास हुआ.

30 जुलाई 2026: इसके अगले ही दिन इसे लोकसभा से मंजूरी मिली.

11 अगस्त 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर करते ही यह पूरे देश में कानून बन गया. 

स्वतंत्रता दिवस 2026 के लिए नए निर्देश

इस कानून के पास होने के साथ ही गृह मंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है. 

लाल किले पर पूरा गान: इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार वंदे मातरम् का पूरा रूप गाया जाएगा.

क्रम का नियम: जब भी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों एक साथ प्रस्तुत किए जाएंगे, तो वंदे मातरम् पहले गाया जाएगा और उसके बाद जन गण मन होगा.

 

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