अलर्ट मोड़ पर सरकार :कई राज्यों में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू (H1N1) का प्रकोप, राजधानी दिल्ली की स्थिति चिंताजनक
देश के कई राज्यों में एच1एन1 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, केरल और मध्य प्रदेश में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में इन्फ्लूएंजा-ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। मानसून के मौसम में वायरस के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है।
स्वास्थ्य विभाग की ताजा आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में अब तकH1N1 (स्वाइन फ्लू) के कुल 1,777 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। हाल ही में एक ही दिन के भीतर 114 नए मरीज मिलने के बाद संक्रमितों की संख्या में यह बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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राजधानी में सभी प्रकार के इन्फ्लूएंजा (फ्लू) के कुल 2,602 मामले सामने आए हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा मरीज अकेले H1N1 स्ट्रेन के ही हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है।
सफदरजंग और राम मनोहर लोहिया (RML) जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिए गए हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में एंटी-वायरल दवाओं, टेस्टिंग किट्स और वेंटिलेटर बेड की पूरी व्यवस्था है।
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दिल्ली के देश के कई शहरों में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी आई है, मुंबई में 309, केरल में इस साल 7000 से अधिक मामले सामने आए जिसमें 88 मरीजों की मौत हुई, वहीं मध्यप्रदेश में भी स्वाइन फ्लू के एक्टिव मामले दर्ज किए गए हैं. पूरे देश की बात करें तो भारत में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के कुल मामले 9,000 के पार जा चुके हैं।
बदलता मौसम बढ़ा रहा मुसीबत : लेडी हार्डिंग और एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों के अनुसार, उमस और बदलते मौसम के कारण यह वायरस हवा के जरिए तेजी से फैल रहा है।
स्वाइन फ्लू H1N1 के लक्षण:
तेज बुखार, लगातार खांसी आना, गले में तेज दर्द या खराश, नाक का बंद होना या लगातार बहना, शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द, बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना, सिरदर्द और शरीर का कांपना
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विशेषकर बच्चों में कभी-कभी जी मिचलाना, उल्टी या डायरिया की शिकायत होना, गर्भवती महिलाओं, 5 साल से कम उम्र के छोटे बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग डायबिटीज, अस्थमा, दिल या किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा ख़तरा रहता है।
आमजन के लिए सलाह :
डॉक्टरों ने कहा है कि सांस लेने में तकलीफ होने या ऑक्सीजन का स्तर गिरने पर तुरंत अस्पताल जाएं और बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कोई भी एंटीबायोटिक दवा न लें।
बचाव के लिए क्या करें :
- भीड़भाड़ वाली जगहों और सार्वजनिक वाहनों में मास्क जरूर पहनें।
- अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें।
- बुखार या खांसी होने पर खुद को घर परआइसोलेट (अलग)करें ताकि संक्रमण दूसरों में न फैले।
- बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग डॉक्टर की सलाह पर फ्लू की वैक्सीन जरूर लगवाएं।



















