ब्रेकिंग

वेब स्टोरी

देहरादून में 36 लोगों में स्वाइन फ्लू H1N1 की पुष्टि, 2 की मौत ; अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग

देश के कई राज्यों में इस समय स्वाइन फ्लू का प्रकोप फैला हुआ है अब उत्तराखंड की राजधानी में भी इसने दस्तक दे दी है,अगस्त माह में अब तक 36  मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है,स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है।

दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे बनने से अब लोग सीधे 3 से 3.5 घंटे में ही एक शहर से दूसरे शहर पहुंच रहे हैं ऐसे में कई नौकरीपेशा या व्यवसाय करने वाले लोग हर हफ्ते सफर करते हैं.जिसने चिंता बढ़ा दी है प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 36  मामलों की पुष्टि होने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। 

देहरादून जिले में 1 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक स्वाइन फ्लू (H1N1) के 36 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 28 मरीज मुख्य रूप से देहरादून जिले के ही रहने वाले हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, इन मामलों में से 2 मरीजों की मौत भी हुई है, जबकि कई मरीजों का अस्पताल के आईसीयू (ICU) और वार्ड में इलाज चल रहा है।

पढ़ें यह खबर : New National Crush Unlock: विकेट लेकर किया Gen-Z वाला '6-7' सेलिब्रेशन, जानें कौन हैं वायरल स्पिनर मेधावी बिधूड़ी

स्वाइन फ्लू एक संक्रामक सांस की बीमारी है, जो इंफ्लुएंजा ए (H1N1) वायरस के कारण होती है. स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद जिला स्तर पर इसकी निगरानी बढ़ा दी गई है स्वास्थ्य विभाग के राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर पंकज के मुताबिक सभी जिलों के सीएमओ को आदेश दिए गए हैं कि जिला स्तर पर अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों समेत मेडिकल कॉलेज को सख्त निर्देश देकर स्क्रीनिंग बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। मरीज में स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामने आने पर ही उसकी आवश्यक तौर पर एलाइजा जांच सुनिश्चित कराई जा रही है. .

पढ़ें यह खबर : स्वघोषित 'किंग ऑफ़ उत्तराखंड ' जग्गा जासूस पहुंचा सलाखों के पीछे, ब्लैकमेलिंग के नाम पर मचाता था आतंक

स्वाइन फ्लू H1N1 के लक्षण : 

इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम या मौसमी फ्लू जैसे ही होते हैं, लेकिन यह तेजी से बढ़ सकते हैं। 

  • तेज बुखार और ठंड लगना
  • लगातार खांसी और गले में खराश
  • शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द
  • अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
  • सिरदर्द और नाक बहना या बंद होना

कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त (डायरिया) की शिकायत भी होती है

पढ़ें यह खबर : चुनावी रक्षाबंधन: आधी आबादी पर दोनों दलों की नजर, सरकारी नौकरी से लेकर साड़ियों तक की बौछार

गंभीर लक्षण (जब तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है): सांस लेने में तकलीफ होना, छाती में दर्द, लगातार चक्कर आना, या शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होना। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इसका खतरा ज्यादा होता है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय : 

वायरस को फैलने से रोकने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें

हाथों की सफाई: अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं या सैनिटाइज़र का उपयोग करें।

मास्क पहनें: भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते समय या किसी बीमार व्यक्ति के पास होने पर मास्क जरूर लगाएं। 

दूरी बनाकर रखें: सर्दी-खांसी से पीड़ित लोगों के सीधे संपर्क में आने से बचें। हाथ मिलाने या गले मिलने से परहेज करें। 

खांसते-छींकते समय सावधानी: खांसने या छींकने के दौरान अपने मुंह और नाक को टिशू या कोहनी से ढकें। 

चेहरे को न छुएं: अपनी आंखों, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें क्योंकि इससे वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। 

टीकाकरण (Vaccination): डॉक्टर की सलाह पर फ्लू की सालाना वैक्सीन (H1N1 शॉट) लगवाएं। 

बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें: खुद से एंटीबायोटिक्स या दवाइयां (Self-Medication) बिल्कुल न खाएं, लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें। 

 

Watch Video

You Might Also Like

Recommended For You