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विजय पार्क एक्सटेंशन में निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों ने जताई आपत्ति, मुख्यमंत्री धामी को भेजा ज्ञापन

देहरादून। विजय पार्क एक्सटेंशन की गली नंबर-3 में प्रस्तावित निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों ने आपत्ति जताई है। सद्भावना रेजीडेंशियल वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजकर संबंधित निर्माण की स्वीकृत योजना, मानचित्र, निर्माण अनुमति और भूमि संबंधी अभिलेखों की सक्षम स्तर से जांच कराने की मांग की है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, गली नंबर-3 करीब 30 फीट चौड़ी और सीमित आवागमन वाली आवासीय गली है, जिसके आगे रास्ता बंद हो जाता है। गली में करीब 25 स्थायी आवासीय मकान हैं। ऐसे में बड़े स्तर के निर्माण से भारी वाहनों की आवाजाही, निर्माण सामग्री के आवागमन, धूल, शोर और अन्य गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

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सीएम धामी को दिए गए ज्ञापन में संबंधित भूमि के खसरा एवं रकबा अभिलेखों का उल्लेख करते हुए भूमि के स्वामित्व एवं बाद में हुए हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन की मांग भी की गई है। निवासियों का कहना है कि भूमि संबंधी अभिलेखों और नामांतरण/विक्रय की प्रक्रिया की सक्षम राजस्व अधिकारियों से जांच कराई जानी चाहिए।

जल और सीवर व्यवस्था को लेकर भी चिंता : 

क्षेत्रवासियों ने कहा कि कॉलोनी में वर्तमान जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था सीमित क्षमता की है। प्रस्तावित निर्माण के बाद इन व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने भविष्य में जल एवं सीवर से संबंधित समस्याओं से बचने के लिए निर्माण से पहले संबंधित विभागों से व्यवस्थाओं की क्षमता और नियमों के अनुरूप स्थिति का परीक्षण कराने की मांग की है।

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निष्पक्ष जांच की मांग : 

स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संबंधित विभाग या प्राधिकरण को निर्माण स्थल की स्वीकृत योजना, मानचित्र, निर्माण अनुमति, भूमि अभिलेख और अन्य आवश्यक वैधानिक अनुमतियों का नियमानुसार परीक्षण एवं सत्यापन करने के निर्देश दिए जाएं।

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 यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता अथवा स्वीकृत मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक स्थानीय निवासियों की आपत्तियों और असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।

स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर नियमानुसार आवश्यक जांच और कार्रवाई करेंगे।

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