बेटा तू भाग जा..." चिल्लाती रही मां, पर मौत को देख भी पीछे नहीं हटा इंजीनियर बेटा; नोएडा बस अग्निकांड की ये कहानी रुला देगी
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात हुए एक भीषण बस अग्निकांड ने कई परिवारों को उम्र भर का दर्द दे दिया है. इस हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से एक मां-बेटे की मौत की कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है. इंडिगो एयरवेज में कार्यरत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे के पास बस की खिड़की तोड़कर सुरक्षित बाहर निकलने का पूरा मौका था, लेकिन पैर के दर्द से लाचार अपनी मां को तड़पता छोड़ उसने अकेले भागने से इंकार कर दिया. ममता और कर्तव्य की इस जंग में दोनों मां-बेटे बस के भीतर ही जिंदा जल गए.
बीजेपी नेता के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ :
हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटे की पहचान महोबा जनपद के चरखारी निवासी बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता (52) और उनके बेटे शशांक गुप्ता (28) के रूप में हुई है. शशांक दिल्ली में इंडिगो एयरवेज में बतौर इंजीनियर तैनात थे और उनकी मां सुनीता पिछले एक महीने से दिल्ली में रहकर अपने पैरों का इलाज करा रही थीं.
चाचा को आया हार्ट अटैक, तो आधे रास्ते से लौटे वापस:
परिजनों के अनुसार, शशांक अपनी मां का इलाज पूरा करवा कर दिल्ली से महोबा आ रहे थे. इसी दौरान घर से खबर मिली कि शशांक के चाचा धीरू गुप्ता को अचानक हार्ट अटैक आ गया है. चाचा की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनते ही शशांक अपनी मां को लेकर राज कल्पना ट्रैवल्स की स्लीपर बस (यूपी 93 एटी 6543) की पिछली सीट पर बैठकर तुरंत घर के लिए रवाना हो गए. लेकिन किसे पता था कि यह सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा.
"बेटा तू भाग जा..." चिल्लाती रही मां, पर डटा रहा बेटा:
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात जब बस में अचानक आग लगी, तो पूरी गाड़ी में घना धुआं फैल गया और यात्रियों में भगदड़ मच गई. शशांक सीट के पास का शीशा तोड़कर आसानी से कूद सकते थे. बस के बाहर सुरक्षित खड़े लोग और खुद उनकी मां सुनीता लगातार शशांक को चिल्लाकर बाहर कूदने के लिए कह रही थीं. लेकिन पैरों में अत्यधिक दर्द के कारण मां चलने में पूरी तरह असमर्थ थीं. शशांक ने मां को अकेले छोड़ने के बजाय उन्हें बचाने की आखिरी सांस तक कोशिश की. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि अत्यधिक धुएं के कारण दोनों पहले बेहोश हुए और फिर जिंदा जल गए.
डीएनए टेस्ट से हुई शवों की पहचान, ड्राइवर समेत 3 गिरफ्तार:
हादसा इतना भीषण था कि शव पूरी तरह से कोयला बन चुके थे. डॉक्टरों को डीएनए टेस्ट और परिजनों को हुलिये के आधार पर शवों की शिनाख्त करनी पड़ी. परिजनों का गंभीर आरोप है कि बस में शुरुआत से ही कुछ जलने की बदबू आ रही थी, जिसकी शिकायत यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर से की थी. यदि स्टाफ ने समय रहते बस रोक दी होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बस के ड्राइवर और परिचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
चरखारी में मातम, नेताओं ने जताया शोक:
इस दर्दनाक खबर के महोबा पहुंचते ही पूरे चरखारी कस्बे में मातम पसर गया है. पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल समेत तमाम बीजेपी नेता और स्थानीय लोग नीरज गुप्ता के आवास पर पहुंचकर ढांढस बंधा रहे हैं. एक ही चिता पर मां-बेटे के अंतिम संस्कार की बात सुनकर हर नागरिक की आंखें नम हैं.









