देहरादून में खादी सेवा संकल्प महोत्सव, कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को सशक्त बनाने का संकल्प
महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को होटल मैरियट, मसूरी रोड, देहरादून में अमित खादी ग्रामोद्योग संस्थान की ओर से “खादी सेवा संकल्प महोत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खादी, ग्रामोद्योग, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगत सिंह कोश्यारी (पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं मुख्यमंत्री उत्तराखंड )डॉ. महेश शर्मा, कुलाधिपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, बिहार तथा उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने उत्तराखंड में खादी एवं ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े कार्यों को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने अमित खादी ग्रामोद्योग संस्थान को इस दिशा में कार्य करने के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
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डॉ. महेश शर्मा ने अपने संबोधन में खादी के इतिहास, उसके महत्व तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्पादन से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने संस्था के मंत्री श्री राज चौहान एवं अन्य प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन तथा खादी के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए बधाई दी।
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वहीं, उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड के विभिन्न संगठनों के साथ भविष्य में मिलकर कार्य करने तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर :
कार्यक्रम के दौरान अमित खादी ग्रामोद्योग संस्थान ने प्रोजेक्ट पुरकुल एवं सितारा फार्म के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय कारीगरों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और कारीगरों की आय के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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इसके साथ ही संस्था की ओर से पुकार संस्था, कवाना फाउंडेशन, सितारा, देहरादून हिल अकादमी एवं उत्सव डिजाइनर के साथ भी MoU किए गए। इन समझौतों के उद्देश्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय कारीगरों एवं उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा खादी को नई पीढ़ी तक पहुंचाना प्रमुख रूप से शामिल है।
भविष्य की कार्ययोजना पर हुई चर्चा :
कार्यक्रम के दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग के विस्तार को लेकर भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, बाजार से जोड़ने, ग्रामीण कारीगरों को प्रोत्साहित करने और युवाओं को खादी एवं ग्रामोद्योग से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
आयोजकों ने कहा कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे उत्पादक स्थानीय संसाधनों के आधार पर कार्य कर रहे हैं। यदि उनके उत्पादों को उचित बाजार, प्रशिक्षण और बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं।
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कार्यक्रम में आयोजक राजेंद्र चौहान, शिवम चौहान, भावना सिंह, अमृत बुर्रेट, शैली अरोड़ा सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं अतिथिगण उपस्थित रहे।
“खादी सेवा संकल्प महोत्सव” के माध्यम से खादी, ग्रामोद्योग, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को सशक्त बनाने तथा उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में हुए विभिन्न MoU को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।









