चुनावी रक्षाबंधन: आधी आबादी पर दोनों दलों की नजर, सरकारी नौकरी से लेकर साड़ियों तक की बौछार
उत्तराखंड में इन दिनों रक्षाबंधन पर्व से पूर्व ही रक्षाबंधन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है,किसने क्या दिया इसको लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. कांग्रेस हो या भाजपा महिला वोटरों को रिझाने के लिए दोनों ही पार्टियां भरसक प्रयास कर रही हैं. अब ये महिलाएं वोट किसे देंगी तो ये चुनाव परिणाम के दिन ही स्पष्ट हो जाएगा,फ़िलहाल रंगारंग कार्यक्रमों से प्रदेश की महिलाओं में उत्साह बना हुआ है।
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2027 चुनाव से पहले राजनैतिक पार्टियां प्रदेश के सबसे बड़े वर्ग को अपनी-अपनी पाली में करने में जुटे हैं,कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तो श्रीनगर में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मंच से हर महिला के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा कर डाला तो वहीं भाजपा के कार्यक्रमों में उपहार में साड़ियां बांटने को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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रविवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के रक्षाबंधन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की और मंच से महिलाओं को कमल खिलाने की अपील की. वहीं अपने सम्बोधन में सीएम धामी ने इशारों में ही सही मसूरी सीट की अटकलों को समाप्त कर दिया और कह सकते हैं कि लगातार तीसरी बार गणेश जोशी ही मसूरी सीट से चुनाव लड़ेंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश की राजनीति में महिला वोटर अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं या यूं कहें जिस ओर महिलाएं चलती हैं वहां सत्ता बनती है.क्योंकि प्रदेश में महिला मतदाताओं का प्रतिशत 48 है जिसके हिसाब से अगर उनके दिल को नहीं छुआ तो सरकार बनाने के सपनों पर पानी फिर सकता है।सीएम धामी ने इस बार रक्षाबंधन पर महिलाओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में 2 दिन मुफ्त सफर का तोहफ़ा पहले ही दे दिया है।
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महिलाओं में दुविधा साड़ियां तो ले ली अब वोट किसे दें :
प्रदेश की महिला वोटरों के मन में रक्षाबन्धनों के कार्यक्रमों को लेकर भी दुविधा है बुला तो सब रहे हैं लेकिन जाएं किस तरफ क्योंकि कोई ना कोई महिला कार्यकर्त्ता उनके पास पहुंच ही जाती है और रक्षाबंधन के कार्यक्रम का निमंत्रण मिल जाता है,एक तरफ जहां भाजपा और कांग्रेस विशाल कार्यक्रम कर रही है वहीं अन्य दल इसमें पिछड़ गए, ना ही कहीं यूकेडी के कार्यक्रमों की कोई खबर है ना ही दिल्ली से उत्तराखंड में सत्ता का सपना लिए आप नजर आ रही है।
फ़िलहाल इन कार्यक्रमों ने विधायक दावेदारों को अपना वर्चस्व दिखाने का अवसर दे दिया है।आगे -आगे देखते रहिए होता है क्या ?



















