विवादों में प्रेमानंद महाराज का आश्रम,विराट अनुष्का के पहली बार आश्रम आने पर खर्च किए गए 5 करोड़ ?
वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के राधा केली कुंज आश्रम को लेकर विवाद के बीच विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से जुड़ा एक बड़ा दावा सामने आया है। श्री कृष्णा न्यास संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने आरोप लगाया है कि एक बिल्डर लॉबी ने विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से पहली मुलाकात के लिए कथित तौर पर करीब ₹5 करोड़ खर्च किए थे।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विराट कोहली, अनुष्का शर्मा या संबंधित पक्ष की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विराट-अनुष्का की मुलाकात को लेकर क्या दावा?
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जनवरी 2023 में वृंदावन पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया था। इसके बाद भी दोनों कई बार महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे।
दिनेश शर्मा फलाहारी का दावा है कि कथित बिल्डर और भू-माफिया से जुड़े लोगों ने अपने हितों के लिए विराट कोहली को आश्रम तक लाने में बड़ी रकम खर्च की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में इसी प्रभाव का इस्तेमाल आर्थिक लाभ के लिए किया गया।
आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव
साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, 1 अक्टूबर से अंतिम दीक्षा समारोह और प्रेमानंद महाराज से निर्धारित व्यक्तिगत मुलाकातों को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।
महाराज की Z+ सुरक्षा की मांग
विवाद के बीच दिनेश शर्मा फलाहारी और महामंडलेश्वर श्री राधा नंद गिरि की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज को Z+ सुरक्षा देने की मांग की गई है। पत्र में आश्रम से जुड़े मामलों और संपत्ति संबंधी गतिविधियों की जांच की मांग भी उठाई गई है।
साधक की मौत और लापता युवक का मामला
दीपक लोधी की मौत की पुलिस जांच जारी है। CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और ब्लड सैंपल समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
वहीं, हाथरस के किशोर अनुज चौधरी के लापता होने का मामला भी चर्चा में रहा। पुलिस ने बाद में उसे बरसाना क्षेत्र के एक आश्रम से बरामद कर लिया था।
फिलहाल आश्रम से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच जारी है। वहीं विराट कोहली से जुड़े ₹5 करोड़ के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे फिलहाल केवल आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।









