इबोला अलर्ट: भारत सरकार का बड़ा एक्शन, अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए नए नियम लागू
इबोला वायरस को लेकर भारत अलर्ट, अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए सख्त नियम लागू
भारत सरकार ने इबोला संक्रमण रोकने के लिए बढ़ाई निगरानी
दक्षिण अफ्रीका और अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। संभावित संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार और विमानन नियामक DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अफ्रीका के इबोला हॉटस्पॉट क्षेत्रों से भारत आने वाले सभी यात्रियों के लिए अब ‘सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म’ यानी SDF भरना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यात्रियों की एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी ताकि किसी संभावित संक्रमित व्यक्ति की समय रहते पहचान की जा सके।
कोविड काल जैसी सतर्कता फिर लागू
इबोला को लेकर जारी नए प्रोटोकॉल ने लोगों को कोविड-19 महामारी के दौर की याद दिला दी है। DGCA ने एयरलाइंस के लिए विशेष गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी यात्री में इबोला जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे विमान के पिछले हिस्से में बैठाया जाए, ताकि बाकी यात्रियों का संपर्क कम से कम हो। साथ ही, संदिग्ध मरीज के आगे और पीछे की कम से कम तीन-तीन सीटों की पंक्तियां खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे संभावित संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
एयरलाइंस को तुरंत देनी होगी सूचना
एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी कई एयरलाइंस अफ्रीकी देशों से यात्रियों को भारत ला रही हैं। DGCA के निर्देश के अनुसार यदि उड़ान में कोई संदिग्ध यात्री पाया जाता है, तो एयरलाइन को तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित करना होगा। इसके बाद विमान को एयरपोर्ट पर सामान्य पार्किंग क्षेत्र से अलग एक विशेष बे (Bay) में ले जाया जाएगा, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें यात्रियों की जांच करेंगी।
सबसे आखिर में उतरेंगे संदिग्ध यात्री
नई गाइडलाइन के मुताबिक विमान से पहले उन यात्रियों को उतारा जाएगा जिनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। इसके बाद सबसे अंत में उन यात्रियों को बाहर लाया जाएगा जिनमें संक्रमण के संभावित लक्षण दिखाई देंगे। ऐसे यात्रियों को सीधे स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल टीमों के हवाले किया जाएगा ताकि उनकी विस्तृत जांच की जा सके।
किन लक्षणों पर रखी जाएगी नजर?
DGCA और स्वास्थ्य मंत्रालय ने एयरलाइंस को यात्रियों के बीच विशेष घोषणा करने के निर्देश दिए हैं। इस घोषणा में कहा जाएगा कि यदि किसी यात्री को:
- बुखार
- कमजोरी
- मांसपेशियों में दर्द
- सिरदर्द
- गले में खराश
- उल्टी
- दस्त
- शरीर पर चकत्ते
- या रक्तस्राव जैसी शिकायत हो
तो वह तुरंत एयरलाइन क्रू और एयरपोर्ट मेडिकल यूनिट को इसकी जानकारी दे। सरकार का कहना है कि शीघ्र पहचान और त्वरित इलाज ही संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
सभी यात्रियों और क्रू के लिए SDF अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत सिर्फ यात्रियों ही नहीं बल्कि विमान के क्रू सदस्यों को भी सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा। इसमें यात्रियों को अपनी यात्रा, स्वास्थ्य स्थिति और संपर्क से जुड़ी जानकारी देनी होगी।यह फॉर्म इमिग्रेशन या निर्धारित स्वास्थ्य काउंटर पर जमा कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग इसके आधार पर यात्रियों की निगरानी करेगा।
21 दिन तक स्वास्थ्य पर रखनी होगी नजर
सरकार ने यात्रियों को सलाह दी है कि भारत आने के बाद 21 दिनों तक अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखें। यदि इस दौरान किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी निर्धारित अस्पताल में जांच कराएं और एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिस को भी इसकी सूचना दें। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इबोला वायरस के लक्षण कई बार कुछ दिनों बाद भी सामने आ सकते हैं, इसलिए निगरानी बेहद जरूरी है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस माना जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। गंभीर मामलों में यह वायरस आंतरिक रक्तस्राव, अंगों की विफलता और मौत तक का कारण बन सकता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समय-समय पर इबोला संक्रमण को लेकर वैश्विक अलर्ट जारी करता रहा है। अफ्रीकी देशों में पहले भी इबोला के कई बड़े प्रकोप सामने आ चुके हैं।
भारत में अभी नहीं मिला कोई मामला
फिलहाल भारत में इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि सरकार किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्कता बरत रही है। एयरपोर्ट्स, स्वास्थ्य विभाग और एयरलाइंस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते उठाए गए कदम संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अफवाहों से बचने और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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