वेनेजुएला में भीषण भूकंप से तबाही: कराकस में इमारतें ढहीं, कई मौतों की आशंका; पीएम मोदी ने जताया दुख
वेनेजुएला में भीषण भूकंप से मची तबाही, कराकस में इमारतें ढहीं; पीएम मोदी ने जताया शोक
राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में महसूस हुए तेज झटके, राहत और बचाव अभियान जारी
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी है। राजधानी कराकस सहित कई शहरों में इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कराकस के बारूटा जिले में दो इमारतें ढह गईं, जिससे कई लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
भूकंप के बाद पूरे देश में दहशत का माहौल है। कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में शरण लेने को मजबूर हुए। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
दो शक्तिशाली भूकंपों ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों के अंतराल पर दो शक्तिशाली भूकंप महसूस किए गए। पहला झटका 7.1 तीव्रता का बताया गया, जबकि उसके बाद अधिक शक्तिशाली 7.5 तीव्रता का भूकंप आया।भूकंप का केंद्र देश के कैरेबियाई तट के निकट स्थित क्षेत्र में बताया गया है। कम गहराई में आए इन झटकों के कारण सतह पर कंपन अधिक महसूस किया गया, जिससे कई इमारतों और संरचनाओं को नुकसान पहुंचा।विशेषज्ञों का मानना है कि कम गहराई वाले भूकंप अक्सर अधिक विनाशकारी साबित होते हैं क्योंकि उनकी ऊर्जा सीधे धरातल तक पहुंचती है।
कराकस में इमारतें ढहीं, मची अफरा-तफरी
भूकंप के झटके महसूस होते ही राजधानी कराकस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई इमारतों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।बारूटा जिले में दो इमारतों के गिरने की खबर सामने आई है। कई इलाकों में दीवारें टूट गईं और भवनों के हिस्से सड़क पर आ गिरे। लोगों ने घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई क्षेत्रों में धूल के बड़े-बड़े गुबार उठते दिखाई दिए, जिससे स्थिति और भयावह लग रही थी।
राहत और बचाव अभियान तेज
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और सुरक्षा बलों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया। प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने का कार्य जारी है।आपातकालीन सेवाओं की टीमों को संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और घायलों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और वास्तविक नुकसान का आंकलन अभी जारी है।
गृह मंत्री ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने कहा कि भूकंप के झटके कई राज्यों में महसूस किए गए हैं और कुछ क्षेत्रों में गंभीर नुकसान की सूचना मिली है। उन्होंने लोगों से फिलहाल खुले स्थानों में रहने की अपील करते हुए कहा कि आफ्टरशॉक आने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आपातकालीन सेवाओं को सहयोग देने का अनुरोध किया। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की विशेष देखभाल की जाए।
सुनामी अलर्ट ने बढ़ाई चिंता
भूकंप के बाद क्षेत्रीय स्तर पर सुनामी की आशंका को लेकर भी चिंता बढ़ गई। समुद्री क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।विशेषज्ञ लगातार समुद्री गतिविधियों और भूकंप के बाद की परिस्थितियों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते चेतावनी जारी की जा सके।
पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वेनेजुएला में आए भूकंप और उससे हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है।उन्होंने संवेदना संदेश में कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में वेनेजुएला की जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
दुनिया भर की नजरें वेनेजुएला पर
भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभिन्न देशों और मानवीय सहायता संगठनों ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग की इच्छा जताई है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में वास्तविक नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या का अधिक स्पष्ट आकलन सामने आ सकेगा।
वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता को उजागर किया है। कराकस सहित कई क्षेत्रों में हुए नुकसान और राहत कार्यों के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने की है। दुनिया भर की निगाहें अब बचाव कार्यों और स्थिति के अगले अपडेट पर टिकी हुई हैं।
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