Trump Again Sparks Greenland Row: “Hello Greenland” Post पर भड़के लोग, अमेरिकी दखल का विरोध तेज
ट्रंप की “Hello Greenland” पोस्ट से फिर बढ़ा विवाद, ग्रीनलैंड में अमेरिकी दखल के खिलाफ विरोध तेज
सोशल मीडिया पोस्ट से गर्माया ग्रीनलैंड मुद्दा
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर ऐसा कदम उठाया है, जिसने वहां की राजनीति और जनभावनाओं को गर्मा दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह ग्रीनलैंड की राजधानी नुक (Nuuk) की स्काईलाइन के सामने दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “Hello Greenland!”
ट्रंप की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कई लोगों ने इसे अमेरिका की बढ़ती दखलअंदाजी का संकेत बताया, जबकि समर्थकों ने इसे केवल एक राजनीतिक संदेश माना। हालांकि ग्रीनलैंड के स्थानीय लोगों और कई राजनीतिक समूहों ने इस पोस्ट को गंभीरता से लिया है।
ग्रीनलैंड में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन तेज
ट्रंप की पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब ग्रीनलैंड में अमेरिकी गतिविधियों को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका के नए वाणिज्य दूतावास भवन को लेकर राजधानी नुक में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए।
सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। लोगों के हाथों में ऐसे पोस्टर दिखाई दिए जिन पर लिखा था – “We Don’t Need Your Money” और “Greenlanders Recognize MAGA Trojan Horse.” प्रदर्शन के दौरान “Go Away” यानी “यहां से चले जाओ” जैसे नारे भी लगाए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और यह उनकी स्वायत्तता के लिए खतरा बन सकता है।
क्यों अहम है ग्रीनलैंड?
ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और यह आर्कटिक क्षेत्र में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है और भविष्य में आर्कटिक समुद्री मार्गों के खुलने के कारण इसका भू-राजनीतिक महत्व और बढ़ सकता है।
अमेरिका लंबे समय से ग्रीनलैंड में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता रहा है। ट्रंप अपने पिछले कार्यकाल में भी ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जाहिर कर चुके थे। उस समय डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। अब अमेरिका द्वारा नए राजनयिक केंद्र और बढ़ती गतिविधियों को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों में क्यों बढ़ रही नाराजगी?
ग्रीनलैंड के कई नागरिकों का मानना है कि अमेरिका आर्थिक निवेश और कूटनीतिक गतिविधियों के जरिए यहां प्रभाव बढ़ाना चाहता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें विकास के नाम पर बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि ग्रीनलैंड की पहचान, संस्कृति और राजनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखना सबसे जरूरी है। यही कारण है कि अमेरिकी गतिविधियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई जा रही है।
आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र को लेकर अमेरिका, रूस और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ग्रीनलैंड का महत्व और अधिक बढ़ गया है। अमेरिका यहां सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। वहीं स्थानीय लोग चाहते हैं कि उनकी भूमि और संसाधनों पर बाहरी ताकतों का नियंत्रण न बढ़े।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
ट्रंप की “Hello Greenland” पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया, जबकि कई लोगों ने इसे अमेरिका की आर्कटिक रणनीति से जोड़कर देखा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप अक्सर सोशल मीडिया के जरिए बड़े राजनीतिक संकेत देते हैं और यह पोस्ट भी उसी रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
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