गाजियाबाद सिंचाई निर्माण विभाग में कमीशनखोरी का मामला, वीडियो से उठे गंभीर सवाल
गाजियाबाद। केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने का दावा करती रही हैं। इसके बावजूद गाजियाबाद के सिंचाई निर्माण विभाग से सामने आए विभागीय कार्यप्रणाली और कमीशनखोरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिंचाई निर्माण विभाग के एक्सईएन (Executive Engineer) राजकुमार वर्ण ने बताया कि विभाग में चल रहे डी-सिल्टिंग कार्यों के रनिंग बिलों पर ठेकेदारों से लगभग 8 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। वहीं, राजकुमार वर्ण ने सिविल स्ट्रक्चर से जुड़े लगभग 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों के रनिंग बिलों पर 12 से 13 प्रतिशत कमीशन की मांग की।
वीडियो में यह भी सुनाई देता है कि एक्सईएन राजकुमार वर्ण अपने जूनियर इंजीनियर नरेश कुमार से पूछते हैं कि संबंधित ठेकेदार कितना प्रतिशत भुगतान कर रहा है। इस पर जूनियर इंजीनियर द्वारा जवाब दिया जाता है कि ठेकेदार 14.5 प्रतिशत दे रहा है, बताया की इस लेन-देन में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (S.E.) और चीफ इंजीनियर तक की भूमिका है।
यह मामला सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की चल एवं अचल संपत्तियों की स्वतंत्र जांच भी आवश्यक मानी जा रही है।
इस मामले से जुड़े प्रत्येक तथ्य और आधिकारिक अपडेट पर प्रमुखता से नज़र बनाए हुए है। यदि जांच में कोई नया खुलासा होता है, तो उसे भी पाठकों तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाया जाएगा.
ब्यूरो रिपोर्ट



















