राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: CCTV फुटेज डिलीट करने की कोशिश, SIT जांच में नए खुलासे, कार और नकदी बरामद
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: CCTV फुटेज डिलीट करने की कोशिश, चोरी की रकम से खरीदी कार बरामद, SIT जांच में कई नए खुलासे
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपियों ने चोरी को छिपाने के लिए कई बार सीसीटीवी सिस्टम से कथित तौर पर छेड़छाड़ की और कंट्रोल रूम में जाकर फुटेज डिलीट करने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ अवसरों पर फुटेज हटाने में वे सफल भी हुए, हालांकि जांच के लिए आवश्यक डिजिटल साक्ष्य पुलिस के पास उपलब्ध हैं। नोट: मामले की जांच जारी है। यहां उल्लिखित कई तथ्य पुलिस सूत्रों, जांच एजेंसियों के दावों और पूछताछ में सामने आई जानकारियों पर आधारित हैं। इन आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
CCTV फुटेज मिटाने की कथित कोशिश
जांच में सामने आया है कि गणना कक्ष पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में था और आरोपियों को इसकी जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी के दौरान इस तरह खड़े होने की रणनीति बनाई कि कैमरों में उनकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड न हों।
सूत्रों का दावा है कि कई बार आरोपी कंट्रोल रूम तक पहुंचे और रिकॉर्डेड फुटेज हटाने या सिस्टम से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। इसी वजह से कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
कंट्रोल रूम की निगरानी कर रहे थे आरोपी?
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि चोरी के दौरान कथित रूप से गणना प्रभारी और अन्य संबंधित लोग कंट्रोल रूम की गतिविधियों पर नजर रखते थे ताकि वहां कोई अधिकारी या कर्मचारी न पहुंचे।पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या यह केवल लापरवाही थी या फिर सुनियोजित तरीके से निगरानी व्यवस्था को प्रभावित किया गया।
पूछताछ में क्या सामने आया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला से लंबी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि पूछताछ में उसने अन्य आरोपियों की कथित भूमिका और चोरी के तरीके के बारे में जानकारी दी है।सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसे भरोसा दिलाया जाता था कि फुटेज हटा दिए जाएंगे और किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
चोरी की रकम का कथित बंटवारा
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में यह भी दावा किया गया कि चोरी की गई राशि का कथित रूप से आपस में बंटवारा किया जाता था। कभी बराबर हिस्से दिए जाते थे तो कभी परिस्थितियों के अनुसार राशि में अंतर होता था। जांच एजेंसियां अब कथित आर्थिक लेनदेन, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच कर रही हैं।
बाग में होता था पैसों का बंटवारा!
जांच के दौरान पुलिस आरोपी को उस स्थान पर भी लेकर गई जहां कथित रूप से चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था।सूत्रों के अनुसार यह स्थान 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित भीखापुर के पास एक बाग बताया गया है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी की।
चोरी की रकम से खरीदी गई कार बरामद
एसआईटी ने आरोपी की निशानदेही पर एक ब्रेजा कार भी बरामद की है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह वाहन कथित रूप से चोरी की गई रकम से खरीदा गया था।इससे पहले पुलिस आरोपी के कब्जे से लगभग 20.39 लाख रुपये नकद तथा विदेशी मुद्रा (1000 अमेरिकी डॉलर) बरामद करने का दावा कर चुकी है। इन बरामदगियों की जांच भी जारी है।
हॉस्टल से नकदी मिलने का दावा
जांच में आरोपी टिन्नू यादव के हॉस्टल से भी नकदी बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, हॉस्टल में स्टील की टंकी के भीतर काली पन्नी में रखी नकदी मिली, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।बरामद धनराशि और उससे जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
वित्तीय लेनदेन और ऑडिट भी जांच के दायरे में
एसआईटी अब केवल चोरी तक सीमित नहीं है बल्कि मंदिर से जुड़े वित्तीय लेनदेन और ऑडिट प्रक्रिया की भी जांच कर रही है। जांच टीम ने ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ वित्तीय प्रक्रियाओं में कथित विसंगतियों की भी जांच की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है।
बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ
जांच एजेंसी ने बैंक अधिकारियों सहित कई संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की है। पुलिस बैंक लेनदेन, नकदी जमा प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उनसे विस्तृत पूछताछ की गई है, लेकिन अभी किसी पर आधिकारिक रूप से दोष तय नहीं किया गया है।
35 से अधिक लोगों से पूछताछ
एसआईटी अब तक 30 से 35 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें मंदिर प्रशासन से जुड़े कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी, बैंक अधिकारी, वित्तीय सलाहकार और अन्य संबंधित लोग शामिल बताए जा रहे हैं।जांच एजेंसी सभी बयानों, डिजिटल साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और संपत्तियों का मिलान कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
जांच अभी जारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक बन चुका है। एसआईटी लगातार डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और कथित मिलीभगत के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और इस मामले में किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
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