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National Handloom Day : पीएम मोदी ने दिया स्वदेशी का सन्देश, Gen-Z से की ख़ास अपील

आज भारत राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day ) मना रहा है, भारत में हथकरघा परंपरा वर्षों पुरानी है. देश के अलग-अलग क्षेत्रों ने अपनी विशेष बुनाई  कला विकसित की, जो आज भी  दुनिया भर में पहचानी जाती है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देश को स्वदेशी अपनाने और Gen-z को फ्रेंडशिप डे की तरह ही इसे भी मनाने का आग्रह किया। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस से पहले देशवासियों से भारतीय हैंडलूम उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोगों से अपने पसंदीदा हैंडलूम उत्पादों के साथ वीडियो साझा करने, खासकर जीआरडब्ल्यूएम (GRWM ) वीडियो बनाने और भारतीय बुनकरों के हुनर को दुनिया तक पहुंचाने का आग्रह किया।

स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत का दिन है 7 अगस्त

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि 7 अगस्त 1905 भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण तारीख है। इसी दिन देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ इस आंदोलन में पूरे देश ने एकजुट होकर भाग लिया था।

2015 से मनाया जाता है नेशनल हैंडलूम डे : 

भारत सरकार ने 2015 में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किया। इस दिवस का पहला उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में किया था। तब से, यह दिवस हर साल बुनकर समुदाय का सम्मान करने, देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके योगदान को मान्यता देने और भारत की हथकरघा विरासत के संरक्षण और संवर्धन के हमारे सामूहिक संकल्प को नवीनीकृत करने के लिए मनाया जाता है।

हैंडलूम दिवस पर बुनकर परिवारों के सम्मान की अपील

पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह देशभर में उत्साह के साथ खासकर Gen Z ने  फ्रेंडशिप डे मनाया, उसी तरह राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस भी पूरे जोश और उमंग के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हैंडलूम दिवस मनाने का अर्थ उन बुनकर परिवारों का सम्मान करना है, जो अपने घरों में करघे पर मेहनत से कपड़े तैयार करते हैं और भारतीय परंपरा को जीवित रखते हैं।

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हैंडलूम उत्पाद खरीदकर वीडियो साझा करने का आग्रह

प्रधानमंत्री ने लोगों से हैंडलूम उत्पाद खरीदने, उनके साथ वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय हैंडलूम की विविधता को वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही बुनकरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ताकत मिलेगी।

भारतीय बुनकरों के हुनर को वैश्विक मंच देने पर जोर

पीएम मोदी ने विशेष रूप से सोशल मीडिया इंस्टाग्राम के रील फॉर्म जीआरडब्ल्यूएम (GRWM ) जिसमें लोग अपनी तैयार होने की वीडियो बनाते हैं के जरिए भारतीय हैंडलूम उत्पादों और बुनकरों की कला को दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय हस्तकरघा की समृद्ध परंपरा और विविधता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है।

भारत में हैंडलूम साड़ियों की खूब डिमांड है जिनमें उत्तरप्रदेश की बनारसी साड़ी, तमिलनाडु की कांचीपुरम मुख्य रूप से प्रसिद्ध हैं ऐसे ही अन्य राज्यों की अपनी विशेष कला आज भी इस मॉडर्न दौर में अपनी चमक बरक़रार रखे हुए है।  

 

 

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