इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विस्टा में अवैध निर्माण गिरने से PNG पाइपलाइन फटी, गैस रिसाव से सोसायटी में दहशत
इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी के F-3 ब्लॉक में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बड़ा हादसा होते-होते टला। सोसायटी के शाफ्ट के अंदर बना एक अवैध छज्जा (शेड) अचानक टूटकर सीधे पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन पर गिर गया। भारी वजन के कारण गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। गैस की गंध फैलते ही पूरी सोसायटी के निवासियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सूचना मिलते ही तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और समय रहते रिसाव को रोक दिया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
अवैध निर्माण के कारण जांच और मरम्मत में आई बाधा
घटना के बाद जब गैस कंपनी और सुरक्षा टीम शाफ्ट के निरीक्षण के लिए पहुंची, तो उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोसायटी के शाफ्ट के अंदर कई फ्लैट मालिकों द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य किए गए हैं। इस वजह से शाफ्ट का काफी हिस्सा पूरी तरह बंद पड़ा है। जगह न होने के कारण टीम को पाइपलाइन की सही तरीके से जांच करने और मरम्मत का काम पूरा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पहले भी वेल्डिंग के दौरान लग चुकी है आग
सोसायटी के निवासियों का कहना है कि अवैध शेड और निर्माण को लेकर यहाँ पहले भी बड़ी लापरवाही सामने आ चुकी है। कुछ समय पहले एक अवैध शेड पर बिना सुरक्षा मानकों के वेल्डिंग का काम चल रहा था, जिसके कारण वहाँ भीषण आग लग गई थी। उस वक्त भी गनीमत रही कि आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। बार-बार हो रही इन घटनाओं से अब पूरी सोसायटी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जीडीए (GDA) के नोटिस के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आरडब्ल्यूए (RWA) पर गिरेगी गाज
सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने पहले ही सोसायटी के एक फ्लैट में बने अवैध शेड और छत पर किए गए अवैध निर्माण को लेकर सख्त नोटिस जारी किया था। जीडीए ने इसे तुरंत हटाने और ध्वस्त करने के आदेश भी दिए थे। इसके बावजूद अब तक इस ढांचे को नहीं हटाया गया, जिससे प्राधिकरण की कार्यशैली और ढुलमुल रवैए पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जीडीए ने साफ कर दिया है कि यदि सोसायटी परिसर में किसी भी तरह का अवैध निर्माण पाया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर आरडब्ल्यूए (RWA) की जवाबदेही तय की जाएगी। गैस रिसाव की इस गंभीर घटना के बाद अब शाफ्ट को ब्लॉक करने वाले सभी अवैध निर्माणों की गहन जांच और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।













