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अयोध्या : श्री राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा , Operation Sindoor का किया था नेतृत्व

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए हैं। अयोध्या के मनिराम दास छावनी में महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की एक उच्च स्तरीय बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई.दान राशि (चढ़ावा) में हेराफेरी के हालिया आरोपों के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक, वित्तीय और सुरक्षा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और पेशेवर बनाने के लिए पहली बार इस पद का गठन किया गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव : 

5,500 से अधिक आवेदकों में से जितेंद्र मिश्र का चयन : 

ट्रस्ट द्वारा सीईओ पद के लिए आवेदन मांगे जाने पर देश भर से कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। एक उच्च स्तरीय सर्च कमेटी ने गहन छंटनी के बाद 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया, जिनमें से अंततः तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए गए—एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी। सर्च कमेटी के सदस्य सुरेश हावरे के अनुसार, बड़े सैन्य ऑपरेशनों को संभालने का लंबा अनुभव, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल होने के कारण जितेंद्र मिश्रा को इस जिम्मेदारी के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया। वे अपने पदभार ग्रहण करने की तारीख सेतीन वर्षों तक इस पद पर बने रहेंगे।

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रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का परिचय : 

सैन्य करियर और अनुभव: मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के एक बेहद सम्मानित और अत्यधिक अलंकृत लड़ाकू पायलट रहे हैं। उन्होंने वायु सेना में लगभग39 वर्षों तक अपनी शानदार सेवाएं दीं और उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।

ऑपरेशन सिंदूर और सफेद सागर के नायक:जितेंद्र मिश्रा पिछले साल (मई 2025) में हुए'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायु सेना के वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे और उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था। इसके अलावा, उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए 'ऑपरेशन सफेद सागर' में भी अग्रिम भूमिका निभाई थी। वे इसी वर्ष 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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ट्रस्ट में अन्य महत्वपूर्ण सांगठनिक बदलाव : 

सीईओ की नियुक्ति के साथ-साथ ट्रस्ट के शीर्ष पदों में भी फेरबदल किया गया है:

नए महासचिव: वर्तमान कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है, जो अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की जगह लेंगे। नए कोषाध्यक्ष: अशोक सिंहला फाउंडेशन से जुड़े महेश भागचंदका को ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

महिला ट्रस्टी की एंट्री: सामाजिक कार्यकर्ता निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है, जो इस ट्रस्ट में शामिल होने वाली देश की पहली महिला ट्रस्टी हैं।

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क्यों जरुरी था राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ पद का गठन : 

हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। इस विवाद के बाद श्रद्धालुओं के बीच विश्वास बहाल करने और रोजाना आने वाले लाखों भक्तों की भीड़, सुरक्षा समन्वय तथा भविष्य की योजनाओं को एक कॉरपोरेट और अनुशासित मॉडल पर संचालित करने के लिए एक मजबूत प्रशासनिक मुखिया की आवश्यकता महसूस हो रही थी। 

राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ बनने पर जितेंद्र मिश्रा का पहला बयान : 

 चयन के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने कहा, "यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे भगवान राम की सेवा और इस बड़ी जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। मैं राम मंदिर ट्रस्ट और चयन समिति का आभारी हूँ और प्रार्थना करता हूँ कि ईश्वर मुझे इस कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से निभाने की शक्ति दें।" 

 

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