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कानपुर में लापता वीरेश प्रताप का संदिग्ध हालात में मिला शव, 10 मिनट में लौटने की बात कहकर निकले थे घर से

कानपुर में लापता वीरेश प्रताप का संदिग्ध हालात में मिला शव, 10 मिनट में लौटने की बात कहकर निकले थे घर से

घर से निकले, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटे

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। नेहरू नगर निवासी 45 वर्षीय वीरेश प्रताप तीन जुलाई को घर से यह कहकर निकले थे कि वह "दस मिनट में लौटते हैं", लेकिन इसके बाद वह कभी वापस नहीं आए। परिवार ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अगले दिन उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसी बीच छावनी थाना क्षेत्र के मैकूपुरवा इलाके में सड़क किनारे एक अज्ञात शव मिलने की सूचना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।

रविवार को पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने गले में पहनी सिक्के वाली माला और अन्य पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त वीरेश प्रताप के रूप में की। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है, जबकि पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

तीन जुलाई से थे लापता

परिजनों के अनुसार, तीन जुलाई को वीरेश प्रताप घर से निकले थे। उन्होंने परिवार से कहा था कि वह कुछ ही देर में लौट आएंगे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं आए तो परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश शुरू की। हर संभव प्रयास के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। स्थिति गंभीर होने पर चार जुलाई को नजीराबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी उनकी तलाश शुरू कर दी थी।

सड़क किनारे मिला अज्ञात शव

उधर, चार जुलाई की रात छावनी थाना क्षेत्र के मैकूपुरवा इलाके में सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उस समय मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। रविवार को पुलिस ने गुमशुदगी के रिकॉर्ड का मिलान किया और परिजनों को पोस्टमार्टम हाउस बुलाया गया।

सिक्के की माला बनी पहचान का आधार

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे वीरेश प्रताप की पत्नी आराधना, बेटे भव्य प्रताप और बेटी अंतिका ने शव की पहचान गले में पहनी सिक्के वाली माला और अन्य शारीरिक पहचान के आधार पर की। शव की पहचान होते ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने पहचान की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया है।

परिजनों ने बताई मानसिक स्वास्थ्य की समस्या

परिवार के अनुसार, वीरेश प्रताप पिछले कुछ समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें भूलने की बीमारी भी थी और उनका इलाज चल रहा था। परिजनों का कहना है कि कई बार वह घर से निकल जाते थे और रास्ता भूल जाते थे। हालांकि इस बार उनके घर से निकलने के बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

छावनी थाना प्रभारी अरविंद राय के अनुसार, फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए प्राकृतिक मृत्यु, दुर्घटना या किसी अन्य कारण सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

पुलिस कर रही हर एंगल से जांच

पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।

परिवार में पसरा मातम

वीरेश प्रताप की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी, बेटे और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को उम्मीद थी कि वह सुरक्षित लौट आएंगे, लेकिन उनकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।

कानपुर में वीरेश प्रताप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत कई सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं और उन्हें न्यायपूर्ण जांच का इंतजार है।

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