लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में MDA का बड़ा एक्शन, 6 कोचिंग संस्थान 15 मिनट में सील
लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में MDA का बड़ा एक्शन, 15 मिनट में आधा दर्जन कोचिंग संस्थान सील
लखनऊ हादसे के बाद मेरठ में सख्त हुई कार्रवाई
लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने शहर में बड़ा अभियान चलाते हुए बच्चा पार्क चौराहा स्थित स्टार प्लाजा में संचालित करीब आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। कार्रवाई इतनी तेज़ी से हुई कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्र-छात्राओं के साथ कोचिंग संचालकों में भी हड़कंप मच गया।
पुलिस बल के साथ पहुंची MDA की टीम
सोमवार को एमडीए की टीम भारी पुलिस बल के साथ अचानक स्टार प्लाजा पहुंची। पहले से चिन्हित कोचिंग संस्थानों पर अधिकारियों ने बिना देरी किए सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। करीब 15 मिनट के भीतर छह कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान परिसर में मौजूद छात्र अपनी कक्षाएं छोड़कर बाहर निकल आए, जबकि कई कोचिंग संचालक अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास करते रहे। हालांकि एमडीए की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने के बाद परिसर छोड़ दिया।
कोचिंग संचालकों में मचा हड़कंप
अचानक हुई सीलिंग कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि उन्हें संस्थान के अंदर रखा जरूरी सामान, दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य उपकरण बाहर निकालने तक का समय नहीं दिया गया।संचालकों का आरोप है कि इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई किए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि यदि कुछ समय दिया जाता तो वे आवश्यक सामग्री सुरक्षित बाहर निकाल सकते थे।
एमडीए का दावा—पहले ही जारी किए गए थे नोटिस
दूसरी ओर मेरठ विकास प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित कोचिंग संस्थानों को पहले ही नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किए जा चुके थे। इसके बावजूद संस्थानों का संचालन लगातार जारी था।अधिकारियों के अनुसार, नोटिस के बाद भी आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया गया, इसलिए नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। एमडीए ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल ही में लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने राज्यभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। विशेष रूप से उन संस्थानों पर निगरानी रखी जा रही है, जहां अग्निशमन सुरक्षा, भवन मानक और आपातकालीन निकास जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का पालन नहीं किया जा रहा।मेरठ में हुई यह कार्रवाई भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भवन मानकों का पालन कराना है।
छात्रों की सुरक्षा बनी प्रशासन की प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रोजाना कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने पहुंचते हैं। ऐसे में यदि भवन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता तो किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।इसी कारण प्रशासन अब अग्निशमन सुरक्षा, आपातकालीन निकास, भवन स्वीकृति और अन्य आवश्यक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दे रहा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
एमडीए अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह केवल शुरुआत है। शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जाएगी और जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।प्राधिकरण ने कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक अनुमति, सुरक्षा मानकों और भवन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में एमडीए की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है।
स्टार प्लाजा में 15 मिनट के भीतर छह कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने से शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी हलचल मच गई है। आने वाले दिनों में सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों पर और भी सख्त कार्रवाई होने की संभावना है।
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