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पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: सीक्रेट रिलेशनशिप, तय शादी और 2,004 कॉल्स का खुलासा, जांच में बड़े दावे

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: सीक्रेट रिलेशनशिप, तय शादी और 2,004 कॉल्स का खुलासा, जांच में सामने आए कई नए दावे

पुलिस जांच में रिश्ते, डिलीट चैट और कथित हत्या की साजिश को लेकर बड़े खुलासे

महाराष्ट्र के पुणे में प्रॉपर्टी कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले के पीछे एक सीक्रेट रिलेशनशिप, परिवार द्वारा तय की गई शादी और लंबे समय से चल रहा व्यक्तिगत विवाद प्रमुख कारण हो सकते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सह-आरोपी चेतन चौधरी और मुख्य आरोपी सिया गोयल के बीच कथित रिश्ते, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े कई अहम पहलुओं का खुलासा किया है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।

परिवार को पहले से थी रिश्ते की जानकारी: पुलिस

जांच अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी की नजदीकियों की जानकारी परिवार के कुछ सदस्यों को पहले से थी। पुलिस का दावा है कि जनवरी में आयोजित एक कम्युनिटी क्रिकेट मैच के दौरान दोनों की नजदीकियों का पता चला था। हालांकि दोनों परिवारों के आर्थिक स्तर में अंतर होने के कारण कथित तौर पर सिया की शादी अधिक संपन्न अग्रवाल परिवार में तय कर दी गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी निर्णय के बाद घटनाक्रम ने गंभीर रूप ले लिया।

भाई से करीब 10 घंटे पूछताछ

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से लगभग दस घंटे तक पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साहिल से उसकी बहन और चेतन चौधरी के कथित रिश्ते को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गईं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या परिवार के अन्य सदस्य भी इस रिश्ते के बारे में जानते थे।अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की जाएगी।

2,004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत का दावा

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले लगभग छह महीनों तक सिया गोयल और चेतन चौधरी लगातार संपर्क में थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों के बीच कुल 2,004 फोन कॉल हुईं, जिनकी अवधि लगभग 238 घंटे बताई जा रही है। इसी आधार पर पुलिस दोनों के बीच लगातार संपर्क और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

डिलीट चैट्स की फोरेंसिक जांच

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने 18 जून को लोहागढ़ किले में हुई घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन से कई चैट्स डिलीट कर दी थीं। इन डिलीट संदेशों को रिकवर करने के लिए दोनों मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्य मामले की कई अहम परतें खोल सकते हैं।

वारदात वाले दिन कैफे में हुई थी मुलाकात

जांचकर्ताओं के मुताबिक, घटना वाले दिन सिया गोयल और चेतन चौधरी पहले एक कैफे में मिले थे। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने वहीं कथित योजना को अंतिम रूप दिया और लोहागढ़ किले में उस स्थान की पहचान की जहां कथित रूप से घटना को अंजाम दिया गया।हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।

पुलिस का दावा: पहले से तय था इशारा

जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान चेतन चौधरी ने शुरुआत में घटनास्थल के पास मौजूद होने से इनकार किया था। पुलिस का दावा है कि बाद में जुटाए गए साक्ष्यों से उसका बयान कथित रूप से गलत साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, सिया ने कथित तौर पर पहले से तय संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने पीछे से केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दिया। इन आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।

हेयर पैच को लेकर भी सामने आया बयान

पुलिस पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर कहा कि वह अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को पसंद नहीं करती थी क्योंकि वह हेयर पैच पहनते थे। इस पर केतन अग्रवाल के पिता ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सिया को रिश्ता स्वीकार नहीं था तो वह शादी से इनकार कर सकती थी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का हेयर पैच पहनना हत्या का कारण नहीं हो सकता।

सिया की मां ने रखा अपना पक्ष

मामले में सिया गोयल की मां ने भी पुलिस के दावों से अलग अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी लोहागढ़ किले पर जाने की इच्छुक नहीं थी। उनके अनुसार, 17 जून को केतन अग्रवाल और उनकी मां ने वीडियो कॉल के दौरान सिया से ट्रेकिंग पर चलने का आग्रह किया था। सिया की मां का कहना है कि उनकी बेटी अगले दिन एक कार्यक्रम होने के कारण आराम करना चाहती थी और ट्रेक पर नहीं जाना चाहती थी।

जांच अभी जारी

पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले का अंतिम निर्णय करेगा।

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अब तक कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं, जिनमें कथित सीक्रेट रिलेशनशिप, परिवार द्वारा तय की गई शादी, हजारों फोन कॉल, डिलीट चैट्स और घटनास्थल से जुड़े डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

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