पिथौरागढ़ में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल रिपोर्ट के बाद आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पिथौरागढ़ में 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल रिपोर्ट के बाद आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस, मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पांच वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मेडिकल जांच रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीड़ित बच्ची का अस्पताल में उपचार जारी है।
बच्ची के लापता होने पर मचा हड़कंप
पुलिस के अनुसार, बीते मंगलवार को नगर क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पांच वर्षीय बेटी के अचानक लापता होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और बच्ची की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया। जांच के दौरान आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक व्यक्ति बच्ची का हाथ पकड़कर अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर उसकी तलाश तेज कर दी।
देर रात बदहवास हालत में मिली बच्ची
कई घंटों की खोजबीन के बाद बच्ची देर रात टनकपुर तिराहे के पास बदहवास अवस्था में मिली। उसकी हालत गंभीर होने पर पुलिस ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया और मेडिकल परीक्षण कराया। प्रारंभिक जांच में यौन उत्पीड़न की आशंका जताई गई थी। बाद में प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान और तेज कर दिया।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने देर रात 35 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित किया जा रहा है, ताकि अदालत में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया जा सके।
अस्पताल में चल रहा बच्ची का इलाज
पीड़ित बच्ची का उपचार महिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है। डॉक्टर लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध करा रहे हैं।प्रशासन ने बच्ची और उसके परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
जिले के पुलिस अधीक्षक ने मामले का शीघ्र खुलासा करने और आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने पूरी टीम को 5,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मामले से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। साथ ही नाबालिग पीड़िता की पहचान, फोटो, वीडियो या परिवार से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक न करने की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार किसी नाबालिग यौन उत्पीड़न पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है।
पॉक्सो कानून के तहत सख्त प्रावधान
भारत में बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों की सुनवाई पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences - POCSO) Act के तहत की जाती है। इस कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना तथा ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की गोपनीयता बनाए रखना, मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
पिथौरागढ़ की यह घटना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पीड़ित बच्ची का इलाज जारी है। प्रशासन ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने, अफवाहों से बचने और नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने की अपील की है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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