मणिपुर हिंसा के बीच CRPF DG का बड़ा बयान, जवानों को दी सख्त कार्रवाई की छूट
मणिपुर हिंसा के बीच CRPF DG का बड़ा बयान, सुरक्षा बलों को दी सख्त कार्रवाई की छूट
मणिपुर में हालात सामान्य करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जीपी सिंह ने राज्य में तैनात सुरक्षा बलों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की पूरी छूट देने की बात कही है। उनका एक संबोधन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह जवानों को अपनी जिम्मेदारियां पूरी दृढ़ता और ईमानदारी से निभाने के लिए प्रेरित करते दिखाई दे रहे हैं।
मणिपुर लंबे समय से जातीय तनाव और हिंसक घटनाओं का सामना कर रहा है। ऐसे में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों में जुटी हुई हैं। हालिया घटनाओं और बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
वायरल वीडियो में क्या बोले CRPF DG?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में CRPF महानिदेशक जीपी सिंह जवानों को संबोधित करते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं कि यदि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक हो तो सुरक्षा बलों को कार्रवाई करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। उन्होंने जवानों से कहा कि उन्हें अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभानी चाहिए। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि यदि कोई कार्रवाई नियमों और कानून के दायरे में की जाती है तो उसका पूरा समर्थन किया जाएगा। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राज्य में शांति स्थापित करना है।
मणिपुर दौरे पर पहुंचे थे जीपी सिंह
CRPF प्रमुख हाल ही में मणिपुर के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ बैठकें भी कीं। बैठकों में राज्य के संवेदनशील इलाकों की स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली के उपायों पर चर्चा की गई। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखें।
CoBRA कमांडो यूनिट की तैनाती बढ़ाई गई
मणिपुर में उग्रवाद और हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए CRPF की विशेष कमांडो बटालियन CoBRA (Commando Battalion for Resolute Action) की अतिरिक्त यूनिट्स भी तैनात की गई हैं।जानकारी के अनुसार राज्य में CoBRA की दो यूनिट्स को सक्रिय किया गया है। इन कमांडो यूनिट्स को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और उग्रवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञ माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उनकी तैनाती से हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में ऑपरेशन और अधिक प्रभावी होंगे।
तीन साल बाद भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हालात
मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा ने मणिपुर को गहरे संकट में डाल दिया था। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान गई, हजारों लोग विस्थापित हुए और बड़ी संख्या में घरों एवं संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।हालांकि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से कई इलाकों में हालात बेहतर हुए हैं, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है। राहत शिविरों में हजारों लोग अब भी रहने को मजबूर हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर में स्थायी शांति के लिए केवल सुरक्षा उपाय ही नहीं बल्कि सामाजिक संवाद और विश्वास बहाली की भी आवश्यकता है।
सरकार तैयार कर रही है दीर्घकालिक रणनीति
राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर राज्य में शांति बहाली के लिए व्यापक रणनीति पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य केवल हिंसा को रोकना ही नहीं बल्कि ऐसी परिस्थितियां तैयार करना है जिससे प्रभावित समुदायों के बीच विश्वास बहाल हो सके और विस्थापित लोग अपने घरों को लौट सकें।CRPF DG जीपी सिंह ने भी उम्मीद जताई है कि आने वाले एक से डेढ़ वर्ष के भीतर राज्य की सुरक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में कांगपोकपी जिले में तीन लोगों की हत्या और कई घरों में आगजनी की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि राज्य के कुछ हिस्सों में अब भी असामाजिक और हिंसक तत्व सक्रिय हैं। सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और निगरानी अभियान चला रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती भी की जा रही है।
शांति बहाली सबसे बड़ी प्राथमिकता
मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करना फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और सामाजिक संवाद के जरिए ही राज्य में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
CRPF प्रमुख का यह संदेश भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है कि सुरक्षा बलों को कानून के दायरे में रहकर पूरी दृढ़ता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति मणिपुर में शांति और स्थिरता स्थापित करने में कितनी सफल साबित होती है।
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