उज्जैन : ग्राम बीचपड़ी में अनूठी मिसाल, भागवत कथा के समापन पर आंजना परिवार ने कराया रक्तदान शिविर का आयोजन
उज्जैन जिले की तराना तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बीचपड़ी में भक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ आंजना परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति के पावन अवसर पर एक वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 'रक्तदान-महादान' के संकल्प को चरितार्थ करते हुए ग्रामीण युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 40 यूनिट से अधिक रक्त एकत्रित किया गया।
धार्मिक आयोजन में जुड़ा सेवा का संकल्प :
गोपाल सिंह आंजना, भरत आंजना और ओम आंजना के निवास पर चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के समापन पर जहाँ एक ओर आध्यात्मिक पूर्णाहुति हुई, वहीं दूसरी ओर मानव सेवा के लिए रक्तदान शिविर लगाया गया। इसके लिए विशेष रूप से ब्लड बैंक की टीम को ग्राम बीचपड़ी आमंत्रित किया गया था। इस पुनीत कार्य में मध्य प्रदेश युवा आंजना समाज का भी सराहनीय सहयोग रहा।
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समय पर रक्त मिलना बचा सकता है कई जानें: ओम आंजना
आयोजनकर्ता ओम आंजना ने मीडिया से चर्चा करते हुए इस पहल के पीछे की सोच को साझा किया। उन्होंने कहा, "रक्तदान दुनिया का सबसे बड़ा दान है। कई बार दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों या गंभीर स्थिति में फंसी गर्भवती महिलाओं को समय पर रक्त न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ती है। हमने सोचा कि भक्ति के साथ-साथ जनहित और सुरक्षा को भी सर्वोपरि रखा जाए। इसी विचार के साथ कथा की पूर्णाहुति पर इस शिविर का आयोजन किया गया ताकि मुसीबत की घड़ी में किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल सके।"
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शिविर में पहुँचे चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों के साथ इस तरह के सेवा कार्यों का जुड़ना समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देता है

फाइल फोटो : डॉ. संगीता गुप्ता (ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय उज्जैन )
ग्राम बीचपड़ी में आंजना परिवार और क्षेत्र के युवाओं द्वारा उठाया गया यह कदम समाज के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। यह आयोजन संदेश देता है कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा करना ही सच्ची ईश्वर भक्ति है। यदि देश के हर धार्मिक और सामाजिक आयोजन में इस तरह के जनकल्याणकारी संकल्प लिए जाएँ, तो अस्पतालों में रक्त की कमी से किसी भी बेकसूर की जान नहीं जाएगी।
रिपोर्ट - गोपाल आंजना उज्जैन



















