नोएडा की हाईराइज़ सोसाइटियों में बढ़ता ‘फायर बम’ खतरा: फूटेक गेटवे में बार-बार आग की घटनाओं से उठे सुरक्षा पर सवाल
नोएडा की हाईराइज़ सोसाइटियों में बढ़ता ‘फायर बम’ खतरा: फूटेक गेटवे में बार-बार आग की घटनाओं से उठे सुरक्षा पर सवाल
नोएडा की हाईराइज़ सोसाइटियां भले ही आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा के बड़े दावों के साथ बनाई जाती हों, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगहों पर चिंता बढ़ाने वाली नजर आ रही है। सेक्टर-75 स्थित Futec Gateway में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं ने सोसाइटी की फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ए-1 टावर में आग से मची अफरा-तफरी
हाल ही में फूटेक गेटवे के ए-1 टावर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई, जिसके बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि मेंटेनेंस और सिक्योरिटी स्टाफ ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बार-बार आग लगने की घटनाओं से बढ़ी चिंता
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में सोसाइटी के कई हिस्सों में एमसीबी (MCB) में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके अलावा कई फ्लैट्स में एसी कंप्रेसर और आउटडोर यूनिट्स में आग लगने की शिकायतें भी मिली हैं। लगातार हो रही ये घटनाएं इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर बढ़ते दबाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करती हैं।
फायर फाइटिंग सिस्टम पर उठे सवाल
निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी का फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह प्रभावी नहीं है। कई स्थानों पर उपकरण लगे जरूर हैं, लेकिन उनके संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई सुरक्षा उपकरण सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
ओवरलोड बिजली व्यवस्था बन रही खतरे की वजह?
जानकारी के अनुसार, सोसाइटी में लगभग 2800 KVA के स्वीकृत विद्युत लोड के मुकाबले पर्याप्त ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाए गए हैं। 500 से अधिक परिवारों का भार झेल रहा सिस्टम लगातार ओवरलोड हो रहा है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने की आशंका बढ़ती जा रही है।
बी2 और बी3 टावर में फायर एग्जिट को लेकर चिंता
निवासियों ने बी2 और बी3 टावरों में सुरक्षित फायर एग्जिट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि ऊपरी मंजिलों में किसी बड़े स्तर की आग लगती है, तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट की मांग
फूटेक गेटवे के निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल थर्ड पार्टी फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पूरी सोसाइटी को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक नियमित मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बड़ा सवाल: क्या हादसे के बाद जागेंगी एजेंसियां?
नोएडा में पहले भी कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित एजेंसियां समय रहते इस बढ़ते खतरे को गंभीरता से लेंगी, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी?



















