बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव, बीकेटीसी बैठक में 121 करोड़ का बजट पास
देहरादून: उत्तराखंड में स्थित चारधाम में से दो प्रमुख धाम बदरीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) की देहरादून में हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि समिति के अधीन आने वाले 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। इस प्रस्ताव को लेकर अब उत्तराखंड की राजनीति और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
देहरादून के कैनाल रोड स्थित कार्यालय भवन के पास आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की। बैठक में आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए 121.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित बजट भी पारित किया गया।
गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रस्ताव
बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित बीकेटीसी के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने पर विचार किया जाए। समिति का मानना है कि इन मंदिरों की धार्मिक परंपराओं और आस्था की पवित्रता को बनाए रखने के लिए ऐसे कदमों पर चर्चा जरूरी है।
हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम निर्णय नहीं है। इस मामले में राज्य सरकार और कानूनी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।
मुख्यमंत्री धामी का बयान
इस प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी। पहले बोर्ड के प्रस्ताव का अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद कानून, एक्ट और पौराणिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार चारधाम की गरिमा और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक आशा नौटियाल की प्रतिक्रिया
केदारनाथ क्षेत्र की विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने यह सुझाव दिया था कि केदारनाथ क्षेत्र में शराब और मांस के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि जो लोग धाम क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों में शामिल होते हैं, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
121 करोड़ रुपये का बजट पारित
बीकेटीसी की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 121.07 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट भी पारित किया गया। इस बजट में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के विकास, व्यवस्थाओं और यात्रा प्रबंधन के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
बजट के अनुसार
बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ रुपये
केदारनाथ धाम के लिए लगभग 63.60 करोड़ रुपये
का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित आय के मुकाबले करीब 99.45 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान लगाया गया है।
चारधाम यात्रा की तैयारियां
बैठक में यह भी बताया गया कि आगामी चारधाम यात्रा का शुभारंभ अप्रैल महीने में होने वाला है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। समिति ने मंदिर परिसर में पेयजल, बिजली, स्वच्छता और आवास की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा दर्शन पंक्ति, रेलिंगों की मरम्मत और मंदिर परिसर के रंग-रोगन का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
मोबाइल उपयोग पर भी प्रतिबंध का प्रस्ताव
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर के आसपास एक निश्चित दूरी तक मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए। समिति का मानना है कि इससे मंदिर परिसर में अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन व्यवस्था को किया जाएगा बेहतर
बीकेटीसी ने ऑनलाइन पूजा बुकिंग और मंदिर समिति की वेबसाइट को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने का निर्णय भी लिया है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा से जुड़ी सुविधाओं में आसानी होगी।
इसके अलावा कर्मचारियों की प्रोन्नति, अस्थायी कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, मानदेय बढ़ाने और कर्मचारियों के लिए रिवॉल्विंग फंड बनाने जैसे प्रस्ताव भी बैठक में पारित किए गए।
बदरीनाथ पुनर्निर्माण कार्य जारी
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य काफी हद तक पूरे हो चुके हैं। अब बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
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