Share Market Today: सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी में 1% तेजी; क्रूड ऑयल सस्ता होने से बाजार में रौनक Meta Title
सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन बाजार मजबूत बढ़त के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया। बाजार में यह तेजी खासतौर पर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट की वजह से देखी जा रही है।
मजबूत बढ़त के साथ खुला बाजार
मंगलवार को BSE Sensex अपने पिछले क्लोजिंग लेवल 77,566.16 के मुकाबले 809.57 अंक यानी करीब 1.04 फीसदी की बढ़त के साथ 78,375.73 पर खुला। वहीं Nifty 50 भी 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत करने में सफल रहा।
निफ्टी अपने पिछले बंद स्तर 24,199.70 के मुकाबले लगभग 1.05 फीसदी उछलकर 24,280.80 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
सोमवार की गिरावट के बाद आई तेजी
सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में बंद हुए थे। हालांकि मंगलवार को जैसे ही वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले, घरेलू निवेशकों का भरोसा भी वापस लौट आया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है और इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार अभी भी मजबूत बुनियादी आधार पर टिका हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
मंगलवार को बाजार में तेजी आने की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी है। वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल करीब 9 फीसदी तक सस्ता हुआ है। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ जाती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से ट्रांसपोर्ट, एविएशन और कई अन्य सेक्टरों की कंपनियों को राहत मिल सकती है। यही वजह है कि बाजार में निवेशकों का रुख सकारात्मक नजर आ रहा है।
ट्रंप के बयान का असर
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह Donald Trump का बयान भी माना जा रहा है। उन्होंने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में यह उम्मीद बढ़ी है कि तेल सप्लाई पर लंबे समय तक असर नहीं पड़ेगा।
जब भी मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है, तब आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है क्योंकि उस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। लेकिन युद्ध खत्म होने की संभावना के कारण तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
बाजार को मिला ग्लोबल सपोर्ट
वैश्विक संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला है, जिससे घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहते हैं, तो भारतीय बाजार में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय अच्छे अवसर लेकर आ सकता है। खासतौर पर बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है।
हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश से पहले बाजार की स्थिति और कंपनियों के फंडामेंटल को ध्यान में जरूर रखें।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
फिलहाल बाजार की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं तो बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर मंगलवार की शुरुआत ने निवेशकों को राहत दी है और बाजार में सकारात्मक माहौल बनता हुआ दिखाई दे रहा है।
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