देहरादून श्री झंडा मेला 2026: आज होगा 94 फीट ऊंचे झंडे जी का आरोहण
देहरादून में आज होगा ऐतिहासिक श्री झंडे जी का आरोहण, भक्ति में डूबी दून नगरी
देहरादून में आज आस्था, श्रद्धा और विश्वास के साथ ऐतिहासिक श्री झंडे जी का आरोहण किया जाएगा। इस अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दून पहुंचे हैं, जिससे पूरी दून नगरी भक्ति और उल्लास के माहौल में डूबी नजर आ रही है। हर ओर भजन-कीर्तन, गुरु वंदना और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
श्री झंडा मेला आयोजन समिति के अनुसार, रविवार को होने वाले इस ऐतिहासिक आरोहण के लिए शनिवार को पूरे दिन श्री दरबार साहिब परिसर में तैयारियां चलती रहीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते क्षेत्र में विशेष व्यवस्था की गई है और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मेले की पूर्व संध्या पर श्री दरबार साहिब के श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को गुरु मंत्र दिया। संगत ने गुरु मंत्र को आत्मसात करते हुए श्री झंडा साहिब और श्री गुरु राम राय जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने कहा कि जिस प्रकार सूर्य की किरणें बिना भेदभाव के सभी को प्रकाश और ऊष्मा देती हैं, उसी प्रकार आध्यात्मिक गुरु भी अपनी कृपा और करुणा सभी पर समान रूप से बरसाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु वह हैं जो हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।
पूरब की संगत को दी गई पारंपरिक विदाई
शनिवार को परंपरा के अनुसार पूरब की संगत की विदाई भी हुई। मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत शनिवार शाम को संगत को पगड़ी, ताबीज और प्रसाद वितरित कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
इस दौरान ढोल की थाप और गुरु भजनों के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के साथ नृत्य किया। संगत ने पूरे उत्साह के साथ गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया और धार्मिक वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
ऐसे होगी श्री झंडे जी के आरोहण की प्रक्रिया
रविवार को सुबह सात बजे से श्री झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद संगत द्वारा ध्वजदंड को दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्य से स्नान कराया जाएगा।
धार्मिक परंपरा के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अरदास की जाएगी। इसके बाद सुबह लगभग 10 बजे से झंडे पर गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके बाद दोपहर दो से चार बजे के बीच श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में 94 फीट ऊंचे श्री झंडे जी का विधिवत आरोहण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु श्री दरबार साहिब परिसर में मौजूद रहेंगे।
श्री झंडा मेला का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
श्री झंडा मेला उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। इसका संबंध सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हर राय जी के बड़े पुत्र श्री गुरु राम राय जी महाराज से जुड़ा हुआ है।
श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म वर्ष 1646 ईस्वी में पंजाब के जिला होशियारपुर के कीरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया और यहां श्री दरबार साहिब की स्थापना की।
लोक-कल्याण और आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने यहां एक विशाल ध्वजदंड स्थापित किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस ध्वज के दर्शन और आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
परंपरा के अनुसार हर वर्ष होली के पांचवें दिन यानी पंचमी तिथि को श्री गुरु राम राय जी महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसी अवसर पर ऐतिहासिक श्री झंडा मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
सुरक्षा और प्रसारण की विशेष व्यवस्था
इस बार मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने विशेष व्यवस्था की है।
पूरे कार्यक्रम की ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। साथ ही, पांच एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं ताकि दूर खड़े श्रद्धालु भी कार्यक्रम को आसानी से देख सकें।
इसके अलावा, मेले का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत श्री दरबार साहिब क्षेत्र को जीरो जोन घोषित किया गया है, जहां केवल आवश्यक वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी।
ये भी खास
94 फीट ऊंचे श्री झंडे जी का होगा आरोहण
दून के अनिल गोयल चढ़ाएंगे दर्शनी गिलाफ
पांच एलईडी स्क्रीन और सोशल मीडिया पर होगा लाइव प्रसारण
दोपहर दो से चार बजे के बीच पूरी होगी आरोहण की प्रक्रिया
ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
श्री दरबार साहिब क्षेत्र रहेगा जीरो जोन
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