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उत्तराखंड बजट सत्र 2026: गैरसैंण में धामी सरकार पेश करेगी 1.10 लाख करोड़ का बजट

उत्तराखंड बजट सत्र 2026: चुनावी साल में गैरसैंण से गरमाई सियासत, धामी सरकार पेश करेगी 1.10 लाख करोड़ का बजट

उत्तराखंड में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में सोमवार से शुरू हो रहा विधानसभा का बजट सत्र सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का मंच बन सकता है। चुनावी साल के मद्देनजर यह सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

रविवार देर शाम विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सत्र के लिए दो दिन का एजेंडा तय किया गया। यह इस वर्ष का पहला विधानसभा सत्र है, इसलिए इसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार सुबह 11 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) सदन को संबोधित करेंगे। इसके बाद दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्त मंत्री के रूप में वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करेंगे।

विधानसभा भवन में तैयारियां पूरी

विधानसभा सचिवालय की ओर से भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में बजट सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण स्वयं भराड़ीसैंण पहुंचीं और वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी दलों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपेक्षा की गई।

सर्वदलीय बैठक के बाद कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप दिया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर दो बजे विधानसभा अध्यक्ष सदन में राज्यपाल के अभिभाषण का वाचन करेंगी और इसके साथ ही सत्र की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी।

बैठकों में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा विधायक खजानदास और उमेश शर्मा काऊ, तथा बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी पेश करेंगे पहला पूर्ण बजट

इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे। पिछले वर्ष उन्होंने केवल अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया था। दरअसल, पूर्व वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री धामी के पास ही है।

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट आकार करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना है। यह बजट राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, रोजगार और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। चुनावी साल होने के कारण सरकार की कोशिश रहेगी कि बजट में जनता से जुड़े मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।

कांग्रेस ने बैठकों से बनाई दूरी

इस बार मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक और सर्वदलीय बैठक से दूरी बनाए रखी। कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि इन बैठकों में शामिल नहीं हुआ। दरअसल, पिछले वर्ष गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया था।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार संख्या बल के आधार पर सत्र का एजेंडा तय करती है और विपक्ष की राय को महत्व नहीं दिया जाता। ऐसे में कार्यमंत्रणा समिति में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

सत्तापक्ष ने बनाई रणनीति

बजट सत्र को देखते हुए सत्तापक्ष ने विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिए गए कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ आएं और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों और तर्कों के आधार पर जवाब दें। भाजपा का मानना है कि सरकार ने पिछले वर्षों में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिन्हें सदन और जनता के सामने रखा जाएगा।

विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में

वहीं कांग्रेस भी इस सत्र में सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में बेरोजगारी, पलायन, कानून व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया गया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य में बेरोजगारी की समस्या बढ़ रही है और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन भी एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष इन सभी विषयों को लेकर सरकार को सदन के अंदर और बाहर घेरने की रणनीति बना रहा है।

नौ विधेयक और 600 प्रश्न होंगे सत्र में

बजट सत्र के दौरान 10 मार्च को सरकार की ओर से नौ विधेयक पेश किए जाएंगे। इसके अलावा सत्र के लिए 38 विधायकों ने करीब 600 प्रश्न लगाए हैं, जिन पर चर्चा होने की संभावना है।

राज्य के संसदीय इतिहास में यह पहली बार होगा जब सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल का अभिभाषण होने के साथ-साथ बजट भी पेश किया जाएगा। चुनावी माहौल के बीच यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है और आने वाले चुनावों की दिशा तय करने में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

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