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ईरान-इजराइल तनाव के बीच एटा के 19 लोग खाड़ी देशों में फंसे, परिवार चिंतित

ईरान-इजराइल तनाव के बीच खाड़ी देशों में फंसे एटा के 19 लोग, परिवारों की बढ़ी चिंता

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कई परिवार चिंता में हैं। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से खाड़ी देशों में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस संघर्ष के कारण एटा जिले के 19 लोग खाड़ी देशों और इजराइल में फंसे हुए हैं, जिनमें ज्यादातर नौकरीपेशा लोग हैं, जबकि कुछ विद्यार्थी भी शामिल हैं। लगातार हो रही बमबारी, मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों की खबरों से वहां रह रहे लोगों की नींद उड़ी हुई है और यहां उनके परिवार भी बेहद परेशान हैं।

जिले के प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राहत आयुक्त कार्यालय लखनऊ को जानकारी भेज दी है। इसके बाद वहां से विदेश मंत्रालय को एटा जिले के उन लोगों की सूची भेजी गई है, जो वर्तमान में खाड़ी देशों और इजराइल में रह रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि केंद्र सरकार के माध्यम से वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

इस्राइल में पढ़ रही छात्रा को लेकर परिवार चिंतित

एटा के बनगांव निवासी नरेंद्र पाल की बेटी सोनल राजपूत इस समय इजराइल में पढ़ाई कर रही हैं। वहां लगातार बने तनावपूर्ण माहौल के कारण उनके परिवार के लोग काफी चिंतित हैं। खबरों में लगातार मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य उनसे लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

परिवार का कहना है कि वहां का माहौल सामान्य नहीं है और हर समय अनिश्चितता बनी रहती है। ऐसी स्थिति में विदेश में रह रहे अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता स्वाभाविक है।

सऊदी अरब और यूएई में भी डर का माहौल

एटा के कई लोग सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नौकरी कर रहे हैं। कासगंज रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास रहने वाले नमन सक्सेना सऊदी अरब में काम कर रहे हैं। वहां बढ़ते तनाव और बार-बार मिल रही धमकियों से उनका परिवार बेहद परेशान है।

कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव अहमदाबाद निवासी आलोक सोलंकी यूएई में रहते हैं। उनके परिवार का कहना है कि वहां लगातार युद्ध जैसी स्थिति की खबरों से डर का माहौल बना हुआ है।

इसी तरह मंगदपुर खरसुलिया अलीगंज के राजपाल सिंह दुबई में नौकरी करते हैं और उनका परिवार भी चिंता में है।

कई परिवारों के सदस्य दुबई में फंसे

अलीगंज क्षेत्र के कथगांव अकबरपुर लाल सहाय निवासी संदीप कुमार, अनुराग सिंह और उनकी बेटियां पूजा तथा आरोही भी यूएई में फंसे हुए हैं। इसके अलावा बाबसा निवासी सौरभ सिंह चौहान भी दुबई में हैं।

सकीट क्षेत्र के गांव सकतपुर निवासी दो भाई सिकंदर सिंह और जोगेंद्र सिंह भी दुबई में नौकरी करते हैं और मौजूदा हालात में डर के साये में रह रहे हैं। वहीं मारहरा क्षेत्र के फरीदपुर निवासी प्रदीप कुमार सऊदी अरब में फंसे हुए हैं।

परिवारों में बढ़ी बेचैनी

कमसान निवासी प्रियंका उपाध्याय, उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी, दो बेटियां हृदा और प्राशा उपाध्याय, तथा दलेलपुर के अमित वर्मा भी दुबई में रह रहे हैं। वहां के हालात को लेकर उनके परिवार के लोग बेहद चिंतित हैं।

इन लोगों का कहना है कि कई बार ईरान की मिसाइलें उनके ऊपर से गुजरती दिखाई देती हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है। धमाकों की आवाज से बच्चे सहम जाते हैं और लोग ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं।

युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई

मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर वहां के रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ रहा है। वहां रह रहे लोगों के मुताबिक युद्ध के कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। आवश्यक वस्तुएं पहले की तुलना में महंगी हो गई हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि पिछले कुछ समय में विस्फोटों की घटनाएं पहले की तुलना में कुछ कम हुई हैं, लेकिन अभी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। वहां रह रहे लोगों का कहना है कि यह कहना मुश्किल है कि यह संघर्ष कब खत्म होगा।

प्रशासन ने भेजी सूची

जिला प्रशासन ने एटा के उन सभी लोगों की जानकारी एकत्र कर ली है जो खाड़ी देशों और इजराइल में रह रहे हैं। यह सूची राहत आयुक्त कार्यालय लखनऊ के माध्यम से विदेश मंत्रालय को भेज दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी मदद की जा सके।

परिवारों को उम्मीद है कि सरकार की ओर से जल्द ही कोई ठोस कदम उठाया जाएगा और वहां रह रहे उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल एटा के कई परिवार अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं और हर पल उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।

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