असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ी मजबूती, एजीपी के पूर्व नेता जयंत खाउंड पार्टी में शामिल
असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच असम गण परिषद (एजीपी) के पूर्व नेता जयंत खाउंड ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया है। सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि जयंत खाउंड के पार्टी में आने से कांग्रेस को राज्य के कई क्षेत्रों में मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले इस राजनीतिक बदलाव का असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता
जयंत खाउंड ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और वरिष्ठ पर्यवेक्षक डी.के. शिवकुमार भी मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि जयंत खाउंड ने कुछ दिन पहले ही असम गण परिषद (एजीपी) से इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ उनके कई समर्थकों और सहयोगियों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
गौरव गोगोई ने कहा कि जयंत खाउंड लंबे समय से कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में थे और उन्होंने जनता की सेवा के लिए कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि खाउंड का अनुभव और जनाधार पार्टी के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
गौरव गोगोई ने सरकार पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि आज का दिन असम की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जयंत खाउंड को असम की जनता अच्छी तरह जानती है और उनके आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा।
इस दौरान गोगोई ने राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जनता वर्तमान सरकार के कामकाज से परेशान है। गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री मनमाने तरीके से फैसले ले रहे हैं और राज्य की राजनीति में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
क्षेत्रीय दलों को खत्म करने का आरोप
कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने भी जयंत खाउंड का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा असम की संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को बचाने के लिए काम किया है।
जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जब से राज्य में हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार आई है, तब से क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा क्षेत्रीय पहचान और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने कहा कि जयंत खाउंड जैसे जमीनी नेता के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी का संगठन मजबूत होगा और कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी।
चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
असम में विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही राजनीतिक दल अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुट गए हैं। विभिन्न दलों के बीच नेताओं के आने-जाने का दौर भी तेज हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जयंत खाउंड के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को कुछ क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है। कांग्रेस नेतृत्व भी इस बदलाव को चुनाव से पहले एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने भरोसा जताया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और जनता के समर्थन से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
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