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₹500 में दिल्ली से देहरादून हवाई सफर! X1 फ्लाइट से टैक्सी जितने किराये में उड़ान

हवाई सफर को आमतौर पर महंगा और ईंधन पर निर्भर माना जाता है। लेकिन अब इलेक्ट्रिक एविएशन इस तस्वीर को बदलने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाता दिख रहा है। अमेरिकी कंपनी Heart Aerospace के बैटरी से चलने वाले X1 विमान ने पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। खास बात यह रही कि करीब 27 मिनट की इस उड़ान में लगभग 5 डॉलर की बिजली खर्च हुई।

27 मिनट तक आसमान में रहा X1

Heart Aerospace के मुताबिक X1 ने 12 अगस्त 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में स्थित Plattsburgh International Airport से उड़ान भरी। टेस्ट फ्लाइट करीब 27 मिनट चली और इस दौरान विमान लगभग 1,100 फीट की ऊंचाई तक गया।

यह विमान पूरी तरह बैटरी से संचालित था और इसकी इलेक्ट्रिक मोटर प्रणाली ने उड़ान के दौरान एक मेगावाट से ज्यादा शक्ति दी। कंपनी के अनुसार, इस परीक्षण में करीब 5 डॉलर की बिजली इस्तेमाल हुई।

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कितना सस्ता हो सकता है सफर?

यही आंकड़ा इलेक्ट्रिक विमानों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा पैदा कर रहा है। अगर भारतीय मुद्रा में देखें तो 5 डॉलर लगभग ₹400-₹500 के आसपास बैठते हैं। यानी 30 मिनट के आसपास की टेस्ट उड़ान में इतनी कम ऊर्जा लागत ने भविष्य के छोटे हवाई मार्गों को लेकर उम्मीद बढ़ा दी है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आज से दिल्ली से देहरादून की फ्लाइट ₹20 में शुरू हो जाएगी। बिजली की लागत के अलावा विमान की खरीद, बैटरी, मेंटेनेंस, एयरपोर्ट शुल्क, क्रू, सुरक्षा और दूसरे खर्च भी टिकट की कीमत में शामिल होते हैं।

X1 असल में क्यों बनाया गया है?

X1 को सीधे यात्रियों को ले जाने के लिए तैयार किया गया कमर्शियल विमान नहीं माना जाना चाहिए। यह कंपनी के आने वाले ES-30 हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक विमान के लिए एक बड़े स्तर का टेस्ट प्लेटफॉर्म है।

ES-30 को करीब 30 यात्रियों के लिए डिजाइन किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य इसे छोटे और क्षेत्रीय हवाई मार्गों के लिए इस्तेमाल करना है, जहां दूरी अपेक्षाकृत कम होती है और इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड तकनीक ज्यादा व्यावहारिक हो सकती है।

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क्या दिल्ली-देहरादून जैसे रूट पर बदल सकती है तस्वीर?

भारत में दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-जयपुर या दूसरे छोटे क्षेत्रीय रूटों पर ऐसे विमानों की कल्पना काफी दिलचस्प है। कम दूरी वाले मार्गों पर अगर इलेक्ट्रिक विमान व्यावसायिक रूप से सफल होते हैं, तो ईंधन खर्च कम करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी मदद मिल सकती है।

लेकिन इसके लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। Heart Aerospace अपने ES-30 को 2031 के आसपास सेवा में लाने का लक्ष्य रखती है, जबकि उससे पहले इसके विकास और प्रमाणन की कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

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अभी शुरुआत है, लेकिन संकेत बड़े हैं

X1 की पहली उड़ान यह साबित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि बड़े आकार के विमान में बैटरी आधारित इलेक्ट्रिक propulsion को वास्तविक उड़ान में इस्तेमाल किया जा सकता है।

अगर आने वाले वर्षों में बैटरी की क्षमता, चार्जिंग स्पीड और विमान की रेंज में सुधार होता है, तो छोटे शहरों के बीच हवाई कनेक्टिविटी का तरीका बदल सकता है।

अभी ₹20 की दिल्ली-देहरादून उड़ान एक भविष्य की कल्पना है, लेकिन X1 की उड़ान ने यह जरूर दिखा दिया है कि कम ऊर्जा लागत वाला इलेक्ट्रिक हवाई सफर अब सिर्फ साइंस-फिक्शन की बात नहीं रह गया है।

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