हापुड़ जल निगम में कमीशनखोरी, रनिंग बिलों पर 2 से 4 प्रतिशत कमीशन की मांग
हापुड़, उत्तर प्रदेश। जिले में जल निगम की जल परियोजनाओं के कार्यों और उनके रनिंग बिलों को लेकर कमीशनखोरी का मामला सामने आया है। विभागीय स्तर पर वर्क अलॉटमेंट और रनिंग बिलों के भुगतान में प्रतिशत के आधार पर कमीशन की मांग की गई है।
मामले में उत्तर प्रदेश जल निगम के AE अवनीश शर्मा का नाम सामने आया है। बातचीत में रनिंग बिलों पर करीब 2 से 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गयी है।
वर्क अलॉटमेंट और रनिंग बिलों पर उठे सवाल
जल परियोजनाओं में काम आवंटित करने से लेकर निर्माण कार्य के बाद रनिंग बिलों के भुगतान तक की प्रक्रिया सरकारी वित्तीय व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा काम अथवा बिल भुगतान के बदले प्रतिशत के रूप में धन की मांग की जाती है, तो यह विभागीय पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बातचीत में रनिंग बिलों पर 2 से 4 प्रतिशत तक कमीशन की बात सामने आई है।
निष्पक्ष जांच की जरूरत
जल निगम की परियोजनाएं आम लोगों को पेयजल और अन्य जल सुविधाएं उपलब्ध कराने से सीधे जुड़ी होती हैं। इन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता का असर सरकारी धन के साथ-साथ काम की गुणवत्ता और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में संबंधित बिलों, वर्क अलॉटमेंट से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
ब्यूरो रिपोर्ट नेशन वन













