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बड़ी खबर: बिना AI पढ़े अब नहीं मिलेगी उत्तराखंड में सरकारी नौकरी ! UKSSSC ने बदला सिलेबस

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC ) ने मंगलवार शाम को सहायक कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा का नया सिलेबस जारी कर दिया है। परीक्षा में AI, रोबोटिक्स, IoT, डिजिटल एग्रीकल्चर, जैविक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाएंगे।

देहरादून : मंगलवार को बड़ी संख्या में बेरोजगार छात्र संगठन के बैनर तले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र - छात्राओं ने परेड ग्राउंड पहुंचकर अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सचिवालय कूच किया, शाम होते-होते उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अलग- अलग विभागों में कुल 379 पदों की विज्ञप्ति जारी कर दी साथ ही पटवारी/लेखपाल का परीक्षा परिणाम भी जारी कर दिया। 

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उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने कृषि विभाग में सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 (विकास शाखा) और सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-3 भर्ती परीक्षा का नया सिलेबस जारी कर दिया है

इस बार आयोग ने परीक्षा पैटर्न में डिजिटल क्रांति लाते हुए पारंपरिक कृषि के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI),रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)औरडिजिटल एग्रीकल्चर जैसे आधुनिक विषयों को भी सिलेबस का हिस्सा बनाया है।

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क्यों बदला गया सिलेबस?

सरकार का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र को आधुनिक और स्मार्ट बनाना है। यही वजह है कि नए पाठ्यक्रम में स्मार्ट खेती, एआई आधारित कृषि और आधुनिककृषि उपकरणों पर विशेष जोर दिया गया है। इसका मतलब साफ है कि भविष्य में उत्तराखंड के कृषि अधिकारी केवल पारंपरिक खेती ही नहीं, बल्कि खेतों में हाई-टेक तकनीकों का भी इस्तेमाल करेंगे।

कैसा होगा परीक्षा का पैटर्न?

  1. समय: परीक्षा के लिए कुल 2 घंटे का समय मिलेगा।
  2. प्रश्न: इसमें 100 अंकों के 100 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न पूछे जाएंगे।
  3. संरचना: पूरे पाठ्यक्रम को 10 मुख्य इकाइयों (Units) में बांटा गया है। 

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नए सिलेबस के प्रमुख विषय (Key Topics)

अभ्यर्थियों को अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ इन विषयों की तैयारी करनी होगी:

  • स्मार्ट टेक्नोलॉजी: डिजिटल एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स का कृषि में उपयोग।
  • आधुनिक कृषि: सुदूर संवेदन (Remote Sensing), आधुनिक कृषि उपकरण (ट्रैक्टर, पावर टिलर) और हरित ऊर्जा।
  • पारंपरिक एवं उन्नत खेती: फसलों का वैज्ञानिक उत्पादन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बागवानी, मशरूम उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स।
  • प्रबंधन एवं सुरक्षा: मृदा स्वास्थ्य, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि पोषण और आपदा प्रबंधन।
  • सरकारी योजनाएं व अर्थशास्त्र: कृषि अर्थशास्त्र, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम-किसान योजना और ई-नाम मंडी।

अन्य संबंधित विषय: पशुपालन, दुग्ध प्रसंस्करण, मधुमक्खी पालन, रेशम उत्पादन, मेंडल के आनुवंशिक नियम, बीज प्रौद्योगिकी, पादप कोशिका और सांख्यिकी।

आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि परीक्षा में केवल तय पाठ्यक्रम से ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक बदलावों, नई तकनीकों और समसामयिक सामान्य ज्ञान (Current Affairs) से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को रोज़ाना अपडेट रहने की जरूरत होगी।ये परीक्षा 26 जुलाई को होने वाली थी लेकिन नए सिलेबस के आने से अब नई परीक्षा तिथि अलग से घोषित की जाएगी। 

मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने किन मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया नीचे दिया गया वीडियो जरूर देखें। 

 


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