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उत्तराखंड जल संस्थान में 15% कमीशन का खेल - Nation One News

देहरादून स्थित उत्तराखंड जल संस्थान से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग में तैनात एएई प्रवीन मंमगाई पर आरोप है कि उन्होंने 1.71 करोड़ रुपये के टेंडर के बदले रनिंग बिलों पर 15% कमीशन की मांग की, मामला सामने आने के बाद विभाग और सरकार दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

मामला क्या है?

टेंडर की कुल कीमत: 1.71 करोड़ रुपये

आरोप: रनिंग बिल पर 15% कमीशन की मांग

टेंडर प्रक्रिया में कथित ‘पूलिंग’ का भी जिक्र

सरकार क्या कहती है?

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात करते रहे हैं, सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, अब देखना यह है कि इस मामले में जांच होती है या नहीं — और अगर होती है तो कितनी पारदर्शी।

क्यों है यह मामला गंभीर?

विकास कार्यों की गुणवत्ता पर असर, सरकारी धन की बर्बादी की आशंका ।

ईमानदार ठेकेदारों का मनोबल कमजोर ।

जब जनता के पैसे से काम होता है, तो पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे जरूरी होती है।

आगे क्या?

फिलहाल यह मामला जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग कर रहा है, अगर सरकार अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति पर कायम है, तो निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई जरूरी होगी।

निष्कर्ष

आरोप गंभीर हैं, जनता की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है

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