दिल्ली-एनसीआर में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम: स्पेशल सेल ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमले की साजिश नाकाम, स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली-एनसीआर में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के निर्देश पर काम कर रहे थे। इस मामले ने एक बार फिर देश की सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती को सामने रखा है।
खुफिया जानकारी से खुला बड़ा नेटवर्क
स्पेशल सेल को पहले ही इनपुट मिल गया था कि आईएसआई से जुड़े तत्व भारत में अपने नेटवर्क के जरिए बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया जा सकता था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। दोनों ग्वालियर के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे और अपने हैंडलर के संपर्क में थे।
बरामद हथियार और सबूत
स्पेशल सेल ने आरोपी राजवीर के पास से एक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, दोनों के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें आपत्तिजनक वीडियो और वॉयस नोट्स मिले हैं। इन डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है।
होटल को बनाया गया था निशाना
पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी दिल्ली-एनसीआर के एक प्रमुख होटल को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। यह हमला ग्रेनेड या अन्य विस्फोटक के जरिए किया जा सकता था। हालांकि, समय रहते गिरफ्तारी होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
पाकिस्तान कनेक्शन और हैंडलिंग
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सीधे तौर पर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे, जो पाकिस्तान से इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था और किन-किन स्थानों को टारगेट किया जाना था।
कैसे काम करता है ऐसा नेटवर्क?
ऐसे नेटवर्क आमतौर पर सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और लोकल संपर्कों के जरिए काम करते हैं। युवाओं को पैसे या अन्य लालच देकर इस तरह की गतिविधियों में शामिल किया जाता है। इस मामले में भी डिजिटल कम्युनिकेशन के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से टला खतरा
इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की रही। समय पर मिली खुफिया जानकारी और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े हमले को होने से पहले ही रोक दिया। इससे यह भी साफ होता है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या इस साजिश का संबंध किसी बड़े मॉड्यूल से है। दिल्ली-एनसीआर जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की साजिश का सामने आना चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इसे समय रहते विफल कर देना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करेंगे।
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