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काशीपुर में पार्किंग विवाद बना खूनी संघर्ष: बुजुर्ग की मौत, शादी वाले घर में पसरा मातम

काशीपुर में पार्किंग विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, शादी की खुशियां मातम में बदलीं

स्कॉर्पियो हटाने की बात पर दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष, लोहे की रॉड से हमला; गंभीर घायल बुजुर्ग ने एम्स ऋषिकेश में तोड़ा दम

उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र में एक मामूली पार्किंग विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। महुआखेड़ागंज नगर पंचायत के जामा मस्जिद मोहल्ले में घर के सामने खड़ी स्कॉर्पियो हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल 70 वर्षीय अफजल अहमद की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि परिवार के कई अन्य सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

शादी की तैयारियों के बीच हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, महुआखेड़ागंज निवासी 70 वर्षीय अफजल अहमद के परिवार में 9 जून को उनकी दो भतीजियों का विवाह होना था। घर में शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं और परिजन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में जुटे हुए थे।

बताया जा रहा है कि शादी का सामान घर तक पहुंचाने के लिए जगह की आवश्यकता थी। इसी दौरान अफजल अहमद ने पड़ोसी से घर के सामने खड़ी स्कॉर्पियो हटाने का अनुरोध किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामूली बहस के रूप में शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और रात होते-होते हिंसक झड़प में बदल गया।

देर रात हुआ जानलेवा हमला

परिजनों के मुताबिक शनिवार रात करीब 11:30 बजे कुछ लोग लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर उनके घर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले के दौरान अफजल अहमद के सिर पर लोहे की रॉड से गंभीर वार किया गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। इस हमले में अफजल अहमद के अलावा उनके परिजन कासम अली, अनीस अहमद, रिजवान, फुरकान और मसीतन भी घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

गंभीर हालत में किया गया रेफर

स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने अफजल अहमद की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें ऋषिकेश स्थित एम्स ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। रविवार सुबह उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।अफजल अहमद की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां मातम छा गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अफजल अहमद अपने पीछे पत्नी और चार बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। मृतक के पुत्रों के नाम असलम, अकरम, मुकर्रम और आकिल बताए गए हैं। nपरिजनों का कहना है कि शादी की तैयारियों के बीच इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। विवाह समारोह की खुशियां अब गहरे शोक में बदल गई हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार अफजल अहमद क्षेत्र में सम्मानित व्यक्ति थे और सभी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते थे। उनकी मृत्यु की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पैगा चौकी पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपियों की पहचान कर ली गई है। हालांकि घटना के बाद आरोपी फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में हत्या, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा सकता है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताया दुख

घटना की जानकारी मिलने के बाद महुआखेड़ागंज के चेयरमैन Rizwan Ahmad अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

छोटी बात से बड़ा अपराध

यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि छोटी-छोटी बातों को लेकर बढ़ता आक्रोश किस तरह गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है। पार्किंग जैसी सामान्य समस्या को बातचीत और समझदारी से सुलझाया जा सकता था, लेकिन हिंसा ने एक परिवार से उसका बुजुर्ग मुखिया छीन लिया।

सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती असहिष्णुता और मामूली विवादों में हिंसा की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में समय रहते मध्यस्थता और कानूनी हस्तक्षेप कई बड़े हादसों को रोक सकता है।

इलाके में बढ़ाई गई निगरानी

घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

काशीपुर के महुआखेड़ागंज में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। शादी की तैयारियों में जुटे परिवार ने अपने बुजुर्ग सदस्य को खो दिया और खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। अब पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और लोगों को आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार है। यह घटना समाज को यह संदेश भी देती है कि छोटी-छोटी बातों को हिंसा में बदलने के बजाय संवाद और समझदारी से हल करना ही सबसे बेहतर रास्ता है।

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