नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026: 1200 प्रतिभागियों के बीच सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं, नीति घाटी में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026: 11 हजार फीट की ऊंचाई पर दौड़ा देश, सीएम धामी ने नीति घाटी के लिए कीं कई बड़ी घोषणाएं
27 राज्यों के 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
सीमांत चमोली जिले की खूबसूरत और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026' ने देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 31 मई से 2 जून तक चल रहे इस भव्य आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने का एक बड़ा मंच बनकर उभरा है।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना, युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसर सृजित करना है।
वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री धामी, कीं कई अहम घोषणाएं
पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने नीति घाटी में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर और महरगांव जैसे गांवों में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।सरकार का उद्देश्य स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधे जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है।
नीति घाटी में विकसित होंगे व्यू प्वाइंट और साइनज
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि नीति घाटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों और गांवों में पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक साइनज और व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे।इन सुविधाओं के बनने से पर्यटकों को क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकेगी। साथ ही सुंदर व्यू प्वाइंट विकसित होने से पर्यटन अनुभव और अधिक आकर्षक बनेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से नीति घाटी को एडवेंचर और इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान मिलेगी।
रिमखिम और बाड़ाहोती में बनेगा सीमा दर्शन केंद्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि चमोली जिले के रिमखिम और बाड़ाहोती क्षेत्रों में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए "सीमा दर्शन केंद्र" का निर्माण किया जाएगा। भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित इन क्षेत्रों में देशभक्ति, सामरिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सीमा दर्शन केंद्र बनने से पर्यटकों को सीमावर्ती जीवन और सुरक्षा व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। सरकार की यह पहल वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती गांवों को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गमशाली में विकसित होंगी साहसिक पर्यटन सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत पर्यटन सुविधाओं के विकास की भी घोषणा की।उन्होंने कहा कि यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स, ट्रेकिंग, मैराथन और अन्य बड़े आयोजनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इससे नीति घाटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल एवं साहसिक पर्यटन आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम हो सकेगी।
नीति क्षेत्र में होम स्टे क्रांति
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या पिछले कुछ वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है।उन्होंने कहा कि पहले जहां केवल 35 होम स्टे संचालित हो रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।होम स्टे मॉडल से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खानपान और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलता है।
वाइब्रेंट विलेज योजना से बदल रही सीमांत गांवों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।सड़क, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के कारण अब लोग गांवों की ओर लौट रहे हैं। सरकार रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित कर रही है ताकि सीमांत क्षेत्रों की आबादी बनी रहे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
प्रतियोगिता में दिखा देशभर के धावकों का जोश
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के विभिन्न वर्गों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।आयोजन के तहत 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 42 किलोमीटर और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं।
प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख श्रेणियां:
- 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन – 160 प्रतिभागी
- 42 किलोमीटर मैराथन – 155 प्रतिभागी
- 21 किलोमीटर हाफ मैराथन – 215 प्रतिभागी
- 10 किलोमीटर रन – 210 प्रतिभागी
- 5 किलोमीटर फन रन – 260 प्रतिभागी
कुल मिलाकर 1100 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में हिस्सा लेकर आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
75 किलोमीटर अल्ट्रा रन बना मुख्य आकर्षण
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन रहा, जिसमें देशभर के अनुभवी धावकों ने हिस्सा लिया।पुरुष वर्ग में दिगंबर सिंह ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि अर्जुन प्रधान दूसरे और विजय सिंह तीसरे स्थान पर रहे।महिला वर्ग में मीनाक्षी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। मीना कुमारी सुब्बा दूसरे और फलेश्वरी रजवाड़े तीसरे स्थान पर रहीं।
अंतिम दिन होगी एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता
आयोजन के अंतिम दिन 2 जून को गमशाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर की एमटीबी (माउंटेन बाइकिंग) चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।इस रोमांचक प्रतियोगिता में 100 से अधिक प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इससे नीति घाटी को एडवेंचर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में भी नई पहचान मिलेगी।
सीमांत पर्यटन को नई दिशा देगा आयोजन
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि सीमांत उत्तराखंड के विकास का नया मॉडल बनकर सामने आया है। भारतीय सेना, आईटीबीपी, पर्यटन विभाग और स्थानीय समुदाय की साझेदारी से आयोजित यह कार्यक्रम दिखाता है कि कैसे खेल, पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को एक साथ जोड़कर सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री धामी की घोषणाओं के बाद यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि आने वाले वर्षों में नीति घाटी उत्तराखंड के सबसे प्रमुख पर्यटन और साहसिक खेल केंद्रों में शामिल होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, ग्रामीणों को बेहतर आय और पूरे क्षेत्र को नई पहचान मिलने की संभावना है।
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