देहरादून में कृषि विभाग के चालक की मौत: प्रेम संबंध, धमकियों और सुसाइड नोट ने खोले कई राज
देहरादून में कृषि विभाग के चालक की संदिग्ध मौत, प्रेम संबंध और धमकियों के आरोपों से मामला उलझा
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कृषि विभाग के एक चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन अब परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और कथित सुसाइड नोट के सामने आने के बाद पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। मृतक के परिजनों का दावा है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकियों के चलते उसने यह कदम उठाया।पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 वर्षों से कृषि विभाग में चालक था पुष्पेंद्र
मृतक की पहचान पुष्पेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के धौलरी क्षेत्र का रहने वाला था। वह पिछले करीब दस वर्षों से उत्तराखंड कृषि विभाग में डिप्टी डायरेक्टर सुरेश की सरकारी गाड़ी चलाता था।देहरादून के शास्त्री नगर में वह मकान मालिक रूमा साहू के घर किराए पर रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार पुष्पेंद्र शांत स्वभाव का था और नियमित रूप से अपनी नौकरी करता था।
रूम पार्टनर के फोन से परिवार को मिली मौत की सूचना
परिजनों के मुताबिक घटना की जानकारी तब मिली जब पुष्पेंद्र के रूम पार्टनर सुजीत ने उसके भाई आशीष कुमार को फोन कर बताया कि पुष्पेंद्र ने कमरे में फांसी लगा ली है।सूचना मिलते ही परिवार देहरादून पहुंचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
भाई की जांच में सामने आए कई अहम तथ्य
अंतिम संस्कार के बाद मृतक के भाई आशीष कुमार ने पूरे मामले की खुद पड़ताल शुरू की। इसी दौरान उन्हें कई ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।आशीष का दावा है कि पुष्पेंद्र ने आत्महत्या से पहले एक पत्र लिखा था, जिसमें उसने अपने साथ हुई मानसिक प्रताड़ना का विस्तार से उल्लेख किया है। पुलिस अब इस कथित सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लिखी बातों की जांच कर रही है।
प्रेम संबंध बना विवाद की वजह?
परिजनों के अनुसार पुष्पेंद्र का मध्य प्रदेश के बैतूल की रहने वाली अंजीना सलाम उर्फ अंजू से प्रेम संबंध था।बताया गया कि 24 मई को अंजू देहरादून आई थी और कुछ दिनों तक पुष्पेंद्र के साथ रही। इसके बाद वह वापस मध्य प्रदेश लौट गई।
परिवार का आरोप है कि अंजू के लौटने के बाद उसका कथित दूसरा प्रेमी अलकेश कावडे लगातार पुष्पेंद्र को फोन कर जान से मारने की धमकियां देने लगा। इन धमकियों और मानसिक दबाव के कारण पुष्पेंद्र गहरे तनाव में रहने लगा। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
रूम पार्टनर पर भी लगाए गए गंभीर आरोप
मृतक के भाई ने रूम पार्टनर सुजीत पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।उनका कहना है कि सुजीत को पूरी घटना और कथित प्रेम संबंध से जुड़े विवाद की जानकारी थी, लेकिन उसने समय रहते परिवार को कुछ नहीं बताया। यदि वह पहले सूचना देता तो शायद पुष्पेंद्र की जान बचाई जा सकती थी।पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंजीना सलाम और अलकेश कावडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।मामले की जांच एसआई सुनील नेगी को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल चैट, सुसाइड नोट और अन्य उपलब्ध सबूतों की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाएगी।
सुसाइड नोट और डिजिटल साक्ष्य होंगे अहम
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कथित सुसाइड नोट निभा सकता है। यदि हैंडराइटिंग और फोरेंसिक जांच में यह पुष्पेंद्र द्वारा लिखा गया पाया जाता है, तो जांच की दिशा बदल सकती है।इसके अलावा पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आत्महत्या से पहले मृतक किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।
मानसिक प्रताड़ना के मामलों में बढ़ रही चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार धमकियां, ब्लैकमेलिंग या मानसिक उत्पीड़न किसी व्यक्ति पर गंभीर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस केवल आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करती है।इसलिए इस मामले में भी अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में परिवार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है और सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा रही है।पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में कृषि विभाग के चालक पुष्पेंद्र कुमार की मौत का मामला अब साधारण आत्महत्या का नहीं रह गया है। प्रेम संबंध, कथित धमकियां, मानसिक प्रताड़ना और सुसाइड नोट जैसे कई पहलुओं ने जांच को जटिल बना दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।
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