राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: कोर्ट ने 8 आरोपियों की रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ाई, SIT करेगी आगे की जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: कोर्ट ने 8 आरोपियों की रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ाई, SIT करेगी जांच तेज
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में कथित चोरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सोमवार को इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेशी कराई गई। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया।
अब विशेष जांच दल (SIT) मामले की गहन जांच जारी रखेगा। जांच एजेंसी आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई के बाद ही होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों को देखते हुए सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता बताई, जिसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों की रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ा दी।इस अवधि के दौरान एसआईटी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली भेंट और चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी का मामला पहली बार 6 जून को सामने आया था। आरोप है कि धनराशि की गणना के दौरान कुछ कर्मचारियों ने चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की।मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी।
एसआईटी रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल कुछ कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से धनराशि की चोरी की गई।रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला?
एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गणना प्रक्रिया में शामिल कई कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इनमें शामिल हैं—
- अविनाश शुक्ला
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- मनीष कुमार यादव
- करुणेश पांडेय
- रमाशंकर मिश्रा
- पर्यवेक्षणीय कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव
- बैंक पर्यवेक्षणीय कार्य से जुड़े रामशंकर उर्फ टिन्नू
इन सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
आगे क्या करेगी SIT?
रिमांड अवधि के दौरान एसआईटी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच करेगी। इनमें शामिल हैं—
- चढ़ावे की गणना प्रक्रिया का विस्तृत परीक्षण।
- धनराशि के रिकॉर्ड और बैंकिंग प्रक्रिया का मिलान।
- सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच।
- संबंधित कर्मचारियों एवं अन्य संभावित व्यक्तियों से पूछताछ।
- यदि आवश्यकता हुई तो नए साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
अभी दोष सिद्ध नहीं
यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का परीक्षण न्यायालय में होना बाकी है। फिलहाल सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।
राम मंदिर ट्रस्ट की भूमिका
मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तत्काल जांच की मांग की थी। ट्रस्ट की सिफारिश पर ही राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया, जिसके बाद जांच में तेजी आई। ट्रस्ट ने भी पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण अब पूरी तरह एसआईटी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है। अदालत द्वारा आरोपियों की रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ाए जाने के बाद जांच एजेंसी को साक्ष्य जुटाने और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। आने वाले दिनों में एसआईटी की आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेगी।
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